हम उसके साथ एक पल भी नहीं रह पाएंगे, एक दिन वो मुझे मार ही डालेगा. प्लीज, सुबह होने से पहले मुझे यहां से ले जाओ’ फोन में उनकी 25 साल की बेटी अंकिता की आवाज सुनकर पूरी तरह टूट गए. मां ने रोती हुई बेटी को दिलासा देते हुए कहा, “बेटी, मैं सुबह तुम्हें लेने आऊंगी.” वहीं सुबह होने से पहले ही बेटी की लाश उसके ससुराल में थी.
अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर
चंद घंटों में हुई मौत
बातचीत के चंद घंटों बाद ठीक 2 बजे मृतका के पति मोहम्मद आरजू का फोन आया. उसने बेखौफ होकर अपनी सांस को इस बात की जानकारी दी कि उनकी बेटी अंकिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. यह सनसनीखेज मामला बेगूसराय जिले के बलिया थाना क्षेत्र के बड़ी बलिया के वार्ड नंबर 1 के पांचवे मोहल्ले में हुआ. घटना की खबर मिलते ही मृतका के मायके में बवाल मच गया. मां द्रौपदी देवी ने अपने पति आरजू, उसके भाई और ससुराल के दूसरे लोगों पर कई गंभीर आरोप लगाए और अपनी बेटी की मौत का जिम्मेदार उसके ससुराल वालों को ठहराया.
मुस्लिम युवक से की शादी फिर…
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस रिश्ते का सिलसिला 2021 में शुरू हुआ, जब मुंगेर के कासिम बाजार थाना इलाके की रहने वाली अंकिता एक हॉस्पिटल में नर्स का काम करती थी. वहीं उसकी मुलाकात बेगूसराय के बड़ी बलिया के रहने वाले मोहम्मद आरजू से हुई. धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और रिश्ता प्यार में बदल गया. जब अंकिता के परिवार को उनके अफेयर के बारे में पता चला, तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया. परिवार के सख्त रवैये को देखते हुए अंकिता ने अपना घर छोड़ दिया और अपनी मर्जी से आरजू के साथ रहने लगी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। उस समय जब उनकी बेटी अचानक लापता हो गई, तो उसकी मां ने कासिम बाजार थाने में किडनैपिंग का केस भी दर्ज कराया था, जो बाद में अंकिता के बालिग होने और अपनी मर्जी से कोर्ट में बयान देने के बाद शांत हुआ.
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कराना चाहता था धर्म परिवर्तन
माँ ने बताया कि शादी के शुरूआती दिन बेहद ही अच्छे गुजरे और कपल ने 2023 में एक बेटी का भी स्वागत किया, लेकिन उसके बाद से रिश्ते में खटास पैदा होने लगी. मृतक की माँ का आरोप है कि अंकिता हिंदू कम्युनिटी से थी, वहीं उसका पति मोहम्मद आरजू मुस्लिम कम्युनिटी से था. शादी के बाद उस पर लगातार इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया जाता था. इसके अलावा, उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था, उसके माता-पिता के घर से कैश और कीमती सामान की मांग की जाती थी. स्थिति तब और खराब हो गई जब हाल ही में दशहरा त्योहार के दौरान, अंकिता ने बड़ी बलिया के दुर्गा मंदिर में पूजा करने की इच्छा जताई, लेकिन उसके पति आरजू ने इस डर से मना कर दिया कि पड़ोस और कम्युनिटी के दूसरे लोग हंगामा करेंगे.
