उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले हो सकते हैं। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि भाजपा नेता जनगणना 2027 के कार्यक्रम को देखते हुए चुनावी कैलेंडर में बदलाव चाहते हैं।

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इस संभावना पर मंथन चल रहा है। इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी तीन दिनों से मसूरी में हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और सबको चुनावी तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड।

नाम न छापने की शर्त पर भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि जनगणना करने वाले और मतदान कर्मियों में अधिकतर शिक्षक और सरकारी कर्मचारी होंगे। ऐसे में चुनाव और जनगणना साथ होने से वर्कलोड बढ़ सकता है। उन्होंने उत्तराखंड की तरह गोवा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में भी इसी तर्ज पर जल्दी विधानसभा चुनाव होने के संकेत दिए हैं। इन सभी विधानसभाओं का कार्यकाल फरवरी 2027 में पूरा हो रहा है। जबकि, जनगणना भी फरवरी 2027 में होनी है। वहीं, ऐसी संभावना है कि मणिपुर में बाद में चुनाव हो सकते हैं।

उत्तराखंड में इसी साल हो सकते हैं चुनाव!

भाजपा के पदाधिकारी ने बताया कि जनगणना और चुनाव एक ही समय पर होने से व्यवस्थागत चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। इसलिए उत्तराखंड में चुनाव कुछ महीने पहले कराने का सुझाव आया है। चर्चा है कि यदि चुनाव इसी साल दिसंबर 2026 तक करा दिए जाएं तो मतदान कर्मियों को जनगणना के लिए एक महीने आराम मिल सकेगा।

मसूरी में नितिन नवीन, हर बूथ मजबूत करने पर जोर

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन निजी दौरे पर तीन दिन से मसूरी में प्रवास कर रहे हैं। उन्होंने सोमवार को पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात की। नितिन नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं हर बूथ की मजबूती के साथ ही हर व्यक्ति तक पहुंचने के निर्देश दिए। 20 दिनों में उनका यह उत्तराखंड में दूसरा दौरा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राजनीतिक परिवेश और परिदृश्य पर चर्चा में सबको चुनावी तैयारी में जुटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी चुनौती में जीत सुनिश्चित करने में बूथ मजबूत होना जरूरी है। हर कार्यकर्ता हर व्यक्ति तक पहुंचे।

भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने की तैयारी में

उत्तराखंड में भाजपा लगातार दूसरी बार सत्ता में है और आगामी विधानसभा चुनाव में तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ तैयारियों में जुटी हुई है। चुनाव की संभावित तारीकों को लेकर अभी ये खबरें सिर्फ राजनीतिक हलकों में हैं। अंतिम फैसला चुनाव आयोग ही करेगी। फिलहाल किसी भी तरह की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

भाजपा ने 70 विधानसभाओं की कोर कमेटी गठित की

उत्तराखंड में जल्दी विधानसभा चुनाव की चर्चाओं के बीच भाजपा ने सभी 70 विधानसभाओं के लिए कोर कमेटी का गठन कर लिया है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार इन कमेटियों में बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। सगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने के लिए मंथन किया जा रहा है।

17-18 जून को कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा का दौरा

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दल पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। इसी कड़ी में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में भी हलचलें तेज हैं। कांग्रेस की उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा आगामी 17 और 18 जून को राज्य के दो दिवसीय दौरे पर आ रही हैं। इस दौरे के दौरान वह पार्टी संगठन को मजबूती देने और आगामी चुनावी रणनीति तैयार करने के लिए जिलाध्यक्षों और फ्रंटल संगठनों के अध्यक्षों के साथ वन-टू-वन बातचीत करेंगी। उत्तराखंड की कमान संभालने के बाद यह पहला मौका है जब कुमारी शैलजा राज्य में इतनी सक्रिय दिखाई दे रही हैं।

इससे पहले उन पर उत्तराखंड की अनदेखी करने के आरोप भी लगते रहे हैं, लेकिन इस बार कांग्रेस केंद्रीय हाईकमान उत्तराखंड को लेकर बेहद संजीदा नजर आ रहा है। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों में प्रदेश प्रभारी की सक्रियता यहां लगातार बनी हुई है। इस बार के दौरे में भी उनका मुख्य फोकस कार्यकर्ताओं में जोश भरने और चुनावी जमीन को मजबूत करने पर रहेगा। राजनीतिक रूप से शैलजा का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है।


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