किच्छा तहसील दिवस में 115 शिकायतें दर्ज, 47 का मौके पर निस्तारण; अस्पतालों के सुरक्षा ऑडिट के निर्देश

Spread the love


रुद्रपुर/किच्छा, 02 जून 2026। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने जनपद के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक और ट्रॉमा सेंटरों का संयुक्त सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय देहरादून स्थित पैनेसिया अस्पताल में आईसीयू के एसी में आग लगने की घटना के बाद संभावित जोखिमों को देखते हुए लिया गया है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड


जिलाधिकारी ने बताया कि अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, ऑक्सीजन भंडारण, आपातकालीन निकास, फायर एनओसी, सीसीटीवी एवं अन्य सुरक्षा मानकों की जांच के लिए बहु-विभागीय संयुक्त निरीक्षण दल गठित किया गया है। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी। अत्यधिक जोखिम की स्थिति में संस्थान को सील करने अथवा संचालन प्रतिबंधित करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की जा सकेगी।
इधर मंगलवार को किच्छा नगर पालिका परिषद सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित 115 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 47 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
तहसील दिवस में भूमि विवाद, सड़क निर्माण, पेयजल, विद्युत, सिंचाई, राजस्व, नगर पालिका तथा गैस आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से उठाई गईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सिरौलीकला के मोहम्मद ताहिर द्वारा कृषि भूमि बंटवारे, आदर्श नगर एवं कमला नगर क्षेत्र में सड़क निर्माण, प्रतापपुर में भूमि कब्जा मुक्ति, आनंदपुर में नाले की सफाई, किशनपुर-सिसई में इंसुलेटेड विद्युत लाइन और नहर सफाई सहित कई मामलों में जिलाधिकारी ने मौके पर अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
तहसील दिवस में विधायक तिलक राज बेहड़, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा अधिकारियों को जनहित के मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए।


Spread the love