उन्होंने कहा कि पेपर लीक अब आम बात हो गई है। लगभग 7.5 करोड़ छात्रों पर इसका असर पड़ा है। 152 मामले सामने आए हैं, लेकिन एक भी दोषी नहीं पाया गया। एक भी व्यक्ति को सजा नहीं मिली है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
’40 लाख में बिकता है NEET का पेपर’
उन्होंने कहा, ”जैसे किसी रेस्त्रां में मेन्यू कार्ड होता है ठीक वैसे ही लीक हुए एग्जाम पेपर का रेट कार्ड मौजूद है। नीट का 40 लाख, IIT-JEE और उत्तराखंड पटवारी परीक्षा का 15-15 लाख, बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का 10 लाख और ओडिशा पुलिस सब-इंस्पेक्टर परीक्षा का 25 लाख रुपये का पेपर खरीदा जा सकता है। हमने महज 4-5 उदाहरण दिए हैं, लेकिन ऐसे हर राज्य में उदाहरण मौजूद हैं।”
‘करोड़ों छात्र सालाना करते हैं परीक्षा की तैयारी’
राहुल गांधी ने कहा कि हर साल देश के करोड़ों बच्चे 5 साल के लिए अपनी नार्मल लाइफ को छोड़कर परीक्षा की तैयारी करते हैं। 8 से 10 घंटे नॉनस्टॉप रात-दिन पढ़ाई करते हैं… दूर से ऐसा प्रतीत होता है कि महज आप लोग मेहनत करते हैं, लेकिन पूरा परिवार आपकी मदद करता है। 99 फीसदी लोगों के माता-पिता मिडिल क्लास और गरीब घरों के होते हैं।
उन्होंने कहा कि इन 5 साल में करीब 9 लाख रुपये का खर्च आता है, जो परिवार अपनी जमापूंजी और कर्ज लेकर जुटाता है। ऐसे में सवाल है कि हिंदुस्तान में करोड़ों युवाओं को इस रास्ते पर क्यों चलना पड़ता है? जवाब है- क्योंकि आपके सामने बाकी सारे दरवाजे बंद कर दिए गए हैं और सिर्फ सरकारी नौकरी का दरवाजा खुला हुआ है।
‘150 में से एक ही युवा सफल’
राहुल गांधी ने आगे कहा, ”देश में 9 करोड़ अभ्यर्थियों में सिर्फ 6 लाख अभ्यर्थी कामयाब होते हैं। यानी- 150 में से एक युवा ही सफल होगा, लेकिन देश में दो रास्ते हैं। पहला ईमानदारी का, जबकि दूसरा भ्रष्टाचार और पेपर लीक का रास्ता है। मगर देश के 99 फीसदी छात्र ईमानदार हैं और वह भ्रष्टाचार के रास्ते पर नहीं चलते हैं, लेकिन 1 फीसदी लोग सिस्टम का प्रयोग कर भ्रष्टाचार के रास्ते पर चलते हैं और बाकी छात्रों का नुकसान करते हैं।”
