देहरादून/रुद्रपुर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के वरिष्ठ सेनानी और जनसरोकारों से जुड़े संघर्षशील व्यक्तित्व मोहन पाठक को उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य स्तरीय खेल परिषद का उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) नियुक्त किए जाने पर प्रदेशभर में खुशी की लहर दौड़ गई है। राज्य आंदोलनकारियों, सामाजिक संगठनों, खिलाड़ियों तथा युवाओं ने इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए इसे वर्षों के संघर्ष और समर्पण का सम्मान बताया है।
मोहन पाठक उत्तराखंड राज्य आंदोलन के उन प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं जिन्होंने अलग राज्य की मांग को लेकर सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष किया। राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान उन्होंने विभिन्न जनआंदोलनों का नेतृत्व किया तथा युवाओं, बेरोजगारों और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों को मजबूती से उठाया। आंदोलन के कठिन दौर में उनकी सक्रिय भूमिका को आज भी आंदोलनकारी सम्मान के साथ याद करते हैं।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
नियुक्ति के बाद मोहन पाठक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी राज्य आंदोलनकारियों का है जिन्होंने उत्तराखंड निर्माण के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस विश्वास के साथ उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएंगे।
मोहन पाठक ने कहा कि उत्तराखंड प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भूमि है और खेलों को नई दिशा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि खेल परिषद के माध्यम से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक कार्य किए जाएंगे।
प्रदेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों और राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि मोहन पाठक की नियुक्ति से खेल और युवा कल्याण के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार होगा। उनका संघर्षशील जीवन, सरल व्यक्तित्व और जनता से सीधा जुड़ाव उन्हें इस दायित्व के लिए उपयुक्त बनाता है।
राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के लोगों का मानना है कि मोहन पाठक की ताजपोशी राज्य आंदोलन की उस पीढ़ी के सम्मान का प्रतीक है जिसने उत्तराखंड राज्य के निर्माण के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी नियुक्ति से राज्य के युवाओं और खिलाड़ियों में भी उत्साह का माहौल है।
समर्थकों ने विश्वास जताया कि मोहन पाठक अपने लंबे सामाजिक अनुभव और जनसेवा की भावना के साथ खेल परिषद को नई दिशा देंगे तथा उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनकी नियुक्ति को उत्तराखंड के विकास, खेल प्रतिभाओं के उत्थान और राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
