खटीमा। पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा स्थित निजी आवास से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम सभाओं की सरकारी जमीनों की भी गहन जांच की जाए और भू-कानून का उल्लंघन कर खरीदी गई भूमि के मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने शत्रु संपत्तियों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने तथा वक्फ संपत्तियों के विवरण की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि उम्मीद पोर्टल पर दर्ज वक्फ संपत्तियों के ब्योरे की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। साथ ही अन्य राज्यों से आए लोगों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की पहचान और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। अवैध राशन कार्ड बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले अपात्र लोगों को चिन्हित करने तथा सत्यापन अभियान में तेजी लाने को भी कहा गया।
मुख्यमंत्री ने आगामी मानसून को देखते हुए सभी जिलों में पूर्व तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और बिजली कटौती की स्थिति में जनता को पूर्व सूचना देने पर जोर दिया। चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग, श्रद्धालुओं से फीडबैक लेने और यात्रा मार्गों पर पेयजल व ट्रैफिक प्रबंधन मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कृषि एवं उद्यान विभाग की योजनाओं जैसे पॉली हाउस, एप्पल मिशन और कीवी मिशन का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचाने के लिए परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनाने पर बल दिया। बैठक में पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों, विशेषकर जोशीमठ में हो रहे कार्यों की समीक्षा भी की गई।
वर्चुअल बैठक में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
