जनता की शिकायतों पर प्रशासन सख्त, सीएम घोषणाओं से लेकर उद्योगों और स्वच्छता तक डीएम ने तय की जवाबदेही

Spread the love


नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को रुद्रपुर जिला सभागार में आयोजित तहसील दिवस, सीएम घोषणाओं की समीक्षा बैठक, 25 सूत्रीय कार्यक्रम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यशाला तथा उद्योग मित्र बैठक में जनहित, विकास योजनाओं, उद्योगों और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। प्रशासनिक बैठकों में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए।
तहसील दिवस में उठीं जनता की समस्याएं, 9 में से 8 शिकायतों का मौके पर समाधान
जिला सभागार में आयोजित तहसील दिवस में भूमि विवाद, मार्ग, मनरेगा भुगतान, सिंचाई गूल, घरेलू गैस तथा विद्युत बिल से जुड़ी कुल 9 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 8 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं को केवल औपचारिकता के तौर पर न लें, बल्कि संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुनकर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
तहसील दिवस के दौरान महेन्द्र पोपली ने कलेक्ट्रेट आवासीय परिसर में अराजक तत्वों द्वारा नशाखोरी, मारपीट और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि रात्रि 9 बजे के बाद कलेक्ट्रेट परिसर के गेट बंद किए जाएं तथा पुलिस द्वारा नियमित गश्त कराई जाए। प्रशासन के इस निर्णय को परिसर में रहने वाले कर्मचारियों और परिवारों की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
वहीं कैलाश चंद्र ने आरोप लगाया कि गन्ना विभाग किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चकमार्ग का निर्माण करवा रहा है। जिलाधिकारी ने तत्काल सहायक गन्ना आयुक्त को स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
अब्दुल गनी ने अधिक बिजली बिल आने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को विद्युत मीटर का निरीक्षण कर समस्या का तत्काल समाधान करने को कहा। सुखदेव सिंह ने मनरेगा भुगतान लंबित होने की बात रखी, जिस पर जिला विकास अधिकारी को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुकेश कुमार ने घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने की समस्या उठाई। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को मामले में तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में दिवेश शाशनी, पंकज उपाध्याय, डॉ. उत्तम सिंह नेगी, मनीष बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सीएम की 399 घोषणाओं में 155 पूर्ण, 24 जिला स्तर पर लंबित
तहसील दिवस के बाद जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं, जिला योजना, आजीविका एवं रोजगार सृजन कार्यक्रम और 25 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद के लिए कुल 399 घोषणाएं की गई थीं, जिनमें से 155 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 24 घोषणाएं जिला स्तर पर लंबित हैं। शेष घोषणाएं विभिन्न स्तरों पर प्रगति पर हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेते हुए योजनाओं को समय पर पूरा करे ताकि जनता को घोषित योजनाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में रुद्रपुर स्थित बंग भवन के निर्माण, खेड़ा क्षेत्र में पर्यावरण मित्रों के लिए आवास निर्माण तथा मानसखंड कॉरिडोर के अंतर्गत शिव मंदिर के सौंदर्यीकरण जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को सात दिन के भीतर डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा ग्रामीण निर्माण विभाग को तीन ग्रामीण सड़कों के डीपीआर शीघ्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए। जसपुर और खटीमा में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर निर्माण हेतु भूमि चिन्हित करने तथा प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
सितारगंज स्थित शक्तिफार्म राजकीय इंटर कॉलेज के खेल मैदान तथा खटीमा टीडीसी परिसर में खेल मैदान निर्माण के लिए जिला युवा कल्याण अधिकारी को डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए।
25 सूत्रीय कार्यक्रम में तेजी लाने के निर्देश
25 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने लक्ष्यों की प्रगति में तेजी लाएं और आवश्यक आंकड़े समय से जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। समयबद्ध और प्रभावी कार्यप्रणाली से ही विकास कार्यों को धरातल पर उतारा जा सकता है।
नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026 पर बनेगा जिला मास्टर प्लान
बैठक के दौरान देशभर में लागू किए जा रहे नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित कार्यशाला में जिलाधिकारी ने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी वैज्ञानिक तरीके से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी।
उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाए। नगर निकायों, जिला पंचायत और ग्राम पंचायतों को क्लस्टर आधारित मॉडल से जोड़ते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
पीडी हिमांशु जोशी ने बताया कि जनपद की 373 ग्राम पंचायतों में 10 से 12 हजार की आबादी पर एक क्लस्टर बनाया जाएगा तथा कुल 78 से अधिक क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इन क्लस्टरों के माध्यम से कूड़ा संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन और निस्तारण की सुव्यवस्थित व्यवस्था विकसित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में नगर निकायों में चल रही कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था का विस्तार अब ग्रामीण क्षेत्रों तक किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था लागू होगी, जिससे स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिला स्तर पर मॉनिटरिंग सेल गठित किया जाए तथा तहसील स्तर पर भी निगरानी तंत्र विकसित किया जाए। इसके साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन का मानना है कि यदि यह योजना प्रभावी रूप से लागू होती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में कूड़ा फेंकने की समस्या में कमी आएगी और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उद्योगों को मिलेगा बेहतर माहौल, सिंगल विंडो सिस्टम होगा मजबूत
इसी क्रम में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में आयोजित उद्योग मित्र बैठक में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योग बंधुओं की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि जनपद में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि औद्योगिक संस्थानों से जुड़े प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में पूर्व की लंबित समस्याओं की समीक्षा की गई तथा शासन स्तर पर लंबित मामलों के लिए पुनः स्मारक पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।
उद्यमियों ने एल्डिको सिडकुल औद्योगिक पार्क सितारगंज फेज-2 में बिजली आपूर्ति के लिए नए सब स्टेशन निर्माण की मांग उठाई। इस पर क्षेत्रीय प्रबंधक सिडकुल सितारगंज ने बताया कि प्रस्ताव राज्य स्तरीय उद्योग मित्र बैठक के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर निदेशालय को भेज दिया गया है।
इसके अलावा सितारगंज से एल्डिको सिडकुल तक सड़क चौड़ीकरण और मरम्मत का मुद्दा भी उठाया गया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सड़क को दो लेन से तीन लेन में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है तथा फिलहाल आवश्यक पैचवर्क कर सड़क को गड्ढामुक्त बनाया गया है।
मै. मॉ शीतला वेंचर्स लिमिटेड से एनएच-74 तक पाहा नहर की कवरिंग कराने का अनुरोध भी बैठक में रखा गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए शासन को अनुस्मारक पत्र भेजा गया है।
काशीपुर में 132 केवी पावर सब स्टेशन निर्माण के संबंध में पिटकुल अधिकारियों ने जानकारी दी कि सरवरखेड़ा उप संस्थान निर्माण हेतु निविदा प्रक्रिया देहरादून स्तर पर गतिमान है।
बैठक में उद्योग संगठनों ने बिजली, फायर, भूमि लाइसेंस, लंबित प्रकरणों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उद्यमियों ने कहा कि यदि बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए तो जनपद में निवेश और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।
प्रशासनिक बैठकों में दिखी विकास और जवाबदेही की झलक
मंगलवार को आयोजित इन बैठकों में प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही की स्पष्ट झलक दिखाई दी। एक ओर जहां जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर विकास योजनाओं, औद्योगिक वातावरण और स्वच्छता मिशन को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य और समयसीमा दी गई।
सीएम घोषणाओं की समीक्षा से यह संकेत मिला कि प्रशासन अब लंबित परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने की तैयारी में है। वहीं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026 को लेकर तैयार हो रहा क्लस्टर मॉडल आने वाले समय में ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है।
उद्योग मित्र बैठक में औद्योगिक विकास और निवेश को लेकर प्रशासन का सकारात्मक रुख भी सामने आया। अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन हर संभव सहयोग करेगा।
जनपद में प्रशासनिक स्तर पर लगातार हो रही ऐसी समीक्षा बैठकों से यह स्पष्ट है कि सरकार विकास योजनाओं, जनसुविधाओं, स्वच्छता और औद्योगिक विकास को लेकर गंभीरता से काम कर रही है तथा अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में सख्त रुख अपनाया जा रहा है।


Spread the love