

नैनीताल जनपद में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति की जिला इकाई ने राजकीय महाविद्यालय किशनपुर गोलापार से कुंवरपुर शिवालय तक कैंडल मार्च निकाला। इस शांतिपूर्ण मार्च में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी संवेदना और आक्रोश प्रकट किया।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
कैंडल मार्च को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि अंकिता की लड़ाई अब गांवों और मोहल्लों तक पहुंचाई जाएगी और जब तक न्याय नहीं मिलता, यह संघर्ष जारी रहेगा। केंद्रीय संगठन मंत्री भुवन बिष्ट ने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि आम जनता की है।
युवा जिला अध्यक्ष हरीश मेवाड़ी ने युवाओं से आगे आकर इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। पूर्व युवा प्रभारी कमल जोशी ने कहा कि जब तक गट्टू-बट्टू का नार्को टेस्ट नहीं कराया जाता, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी।
केंद्रीय मंत्री श्याम सिंह नेगी ने कहा कि एक गरीब लेकिन साहसी लड़की को इतना मजबूर किया गया कि विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई। जिला उपाध्यक्ष मोहन सिंह नेगी ने सवाल उठाया कि सरकार सीबीआई जांच से क्यों डर रही है। वहीं कोषाध्यक्ष हरीश कोटलिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन यदि अनसुना किया गया तो वह उग्र रूप भी ले सकता है।
कैंडल मार्च के माध्यम से संगठन ने सरकार से निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।




