किश्तवाड़ के श्रीपुरा क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में उनके शहीद होने की सूचना मिली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गजेंद्र सिंह गढ़िया परिवार में एकलौते कमाने वाले थे. उनके घर की माली हालत पहले से ही खराब थी. माता-पिता खेती व किसानी से अपना जीवनयापन करते हैं. जबकि छोटा भाई एक प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं, जहां से मिलने वाला मानदेय परिवार की जरूरतों के लिए नाकाफी है.

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
चौथी कक्षा में पढ़ते हैं शहीद जवान के दोनों बच्चे
वहीं गजेंद्र सिंह की पत्नी बच्चों को पढ़ाने के लिए देहरादून में किराये के मकान में रह रही थी.उनके दोनों बेटे राहुल और धीरज कक्षा चार में पढ़ते हैं. बताया जा रहा है कि शहीद गजेंद्र सिंह गढ़िया का पार्थिव शरीर 20 जनवरी को हेलीकॉप्टर से केदारेश्वर मैदान लाया जाएगा. शहीद गजेंद्र की पत्नी लीला गढ़िया तथा दोनों बेटे हेलिकॉप्टर से गरुड़ के मेलाडुंगरी हेलीपैड पहुंचे, जहां से टैक्सी से कपकोट लाया गया. पत्नी बार-बार बेसुध हो रही हैं. वहीं मासूम बच्चे अपने पिता को याद करके बार-बार रो रहे हैं.
सीएम धामी ने किया पोस्ट
वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फेसबुक पर पोस्ट कर शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा, ‘सैन्यभूमि उत्तराखण्ड के वीर सपूत, बागेश्वर जनपद निवासी हवलदार श्री गजेन्द्र सिंह गढ़िया जी का जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में शहीद होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ. ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्री चरणों में स्थान एवं शोक संतप्त परिजनों को यह असीम कष्ट सहने की शक्ति प्रदान करें. ।।ॐ शांति।।’
सेना के हाथ लगा आतंकियों का बड़ा ठिकाना
किश्तवाड़ जिले में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को आतंकियों का एक बड़ा ठिकाना हाथ लगा है. सूत्रों के मुताबिक, इसी ठिकाने से आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड हमला किया था, जिसके बाद दोनों ओर से कई घंटों तक भीषण मुठभेड़ चली. मुठभेड़ के बाद आतंकी इस ठिकाने को छोड़कर घने जंगलों की ओर फरार हो गए. यह ठिकाना कच्ची मिट्टी से बने एक ढोक (अस्थायी ठहराव स्थल) में था, जहां आतंकी छिपे हुए थे.
बर्तन, कपड़े, खाने-पीने का मिला सामान
तलाशी के दौरान पता चला कि आतंकी वहां खाना बना रहे थे, जिससे साफ होता है कि वे लंबे समय से इसी इलाके में डेरा जमाए हुए थे. सुरक्षाबलों को मौके से खाने-पीने का सामान, दैनिक उपयोग की वस्तुएं, बर्तन और कपड़े बरामद हुए हैं. बरामद सामग्री से यह संकेत मिलता है कि आतंकियों ने इस स्थान को लंबे समय तक इस्तेमाल करने के उद्देश्य से तैयार किया था. फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है और जंगलों में फरार आतंकियों की तलाश जारी है. सुरक्षाबल किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहे हैं.

