रुद्रपुर, 19 अगस्त 2026। जनपद में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत बुधवार को अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मतदाताओं के दावों और आपत्तियों के निस्तारण के साथ-साथ ‘नो मैपिंग’ और विसंगति श्रेणी में चिह्नित मामलों के शीघ्र समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रदेश में 1 जुलाई को अहर्ता तिथि मानते हुए निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और पात्र मतदाताओं के नामों को सही तरीके से दर्ज करना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि एसआईआर अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिनके नाम ‘नो मैपिंग’ और विसंगति श्रेणी में दर्ज किए गए हैं। ऐसे मामलों के समाधान के लिए संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया लगातार जारी है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इन सभी मामलों का निस्तारण 31 अगस्त 2026 तक पूरा किया जाएगा।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
कौस्तुभ मिश्र ने बताया कि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए नोटिस की सुनवाई संबंधित मतदान केंद्र की सीमा के भीतर ही कराई जा रही है। इससे मतदाताओं को दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और वे अपने क्षेत्र में ही आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा निर्धारित 11 अनुमन्य दस्तावेजों में से किसी एक वैध दस्तावेज के साथ आधार कार्ड और एक अतिरिक्त दस्तावेज बीएलओ को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद संबंधित मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं (बीएलए) की नियुक्ति से संबंधित जानकारी भी दी गई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजनीतिक दलों के बीएलए-1 द्वारा बीएलए-2 की नियुक्ति कर उनकी सूची प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई है। जनपद की नौ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 1642 मतदेय स्थलों के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने प्रतिनिधियों की नियुक्ति की है।
उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने सबसे अधिक 1463 बीएलए-2 नामित किए हैं। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 1406 और बहुजन समाज पार्टी ने 125 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं। इस प्रकार जनपद में कुल 2994 बीएलए-2 निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग के लिए तैनात किए गए हैं।
बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी सुझाव मांगे गए। अधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों, बूथ स्तरीय अधिकारियों और मतदाताओं की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
निर्वाचन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 15 सितंबर 2026 को फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद प्रकाशित मतदाता सूची को आगामी चुनावों के लिए मान्य माना जाएगा।
बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान बहुजन समाज पार्टी के जिला सचिव चंद्रशेखर राव, कांग्रेस के जिला महामंत्री आनंद शर्मा और आम आदमी पार्टी की प्रदेश महासचिव किरन पांडेय विश्वास सहित कई राजनीतिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र सिंह अधिकारी समेत निर्वाचन विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने-अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से अधिक से अधिक मतदाताओं तक जानकारी पहुंचाएं, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लोकतंत्र की मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और किसी भी प्रकार की त्रुटि को समय रहते दूर किया जा सके। यही कारण है कि निर्वाचन आयोग लगातार मतदाता सूची को अद्यतन करने और उसमें पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष अभियान संचालित कर रहा है।
