NEET-UG Paper Leak Case Hearing: नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। आज देश भर की जनता, छात्रों और उनके माता-पिता की नजर इस फैसले पर टिकी होगी। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में नीट-यूजी को दोबारा परीक्षा, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और एनटीए की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।

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याचिका में मांग की गई है कि जब तक नई स्वतंत्र परीक्षा संस्था (NEIC) औपचारिक रूप से नहीं बन जाती, तब तक इसी न्यायिक समिति की निगरानी में NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा कराई जाए। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में नीट के सेंटर-वाइज रिजल्ट सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की गई है, ताकि किसी भी असामान्य पैटर्न या गड़बड़ी का पारदर्शी तरीके से पता लगाया जा सके।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

NTA ने नहीं सीखा सबक

अपनी पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये बहुत दुख की बात है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सबक नहीं सीखा। सुप्रीम कोर्ट का पहले भी फैसला आ चुका है। कमीशन ने सिफारिश दी है। सिफारिश मान भी ली गई, लेकिन फिर पेपर लीक हो रहे है।

सुप्रीम कोर्ट ने था कि हम NTA को मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिश के बारे में स्टेटस बताते हुए एक एफिडेविट फाइल करने का निर्देश देते हैं। कोर्ट ने कहा कि मॉनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन के राधाकृष्णन को भी हाई पावर कमेटी के निर्देशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों पर एफिडेविट फाइल करना होगा।

3 मई को हुई थी परीक्षा

गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को भारत भर में स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की गई थी। हालांकि, बाद में पेपर लीक होने की खबरें सामने आने के बाद यह परीक्षा रद्द कर दी गई।

जब ऐसी खबरें सामने आईं कि कुछ व्यक्तियों ने कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र प्राप्त कर लिया था और उसे पैसे के बदले उम्मीदवारों को वितरित कर दिया था। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। जांच एजेंसियों ने अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।


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