नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई के नए मुखिया को चुनने के लिए हुई मीटिंग हंगामेदार रही. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए अपना ‘डिसेंट नोट’ यानी असहमति पत्र सौंप दिया है.

Spread the love

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की उपस्थिति वाली इस हाई-प्रोफाइल सिलेक्शन कमेटी में राहुल गांधी ने सरकार पर कई बड़े आरोप लगाए. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि विपक्षी नेता की भूमिका महज एक ‘रबर स्टैंप’ की नहीं है. उनका आरोप है कि सरकार सीबीआई का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों और पत्रकारों को निशाना बनाने के लिए कर रही है. राहुल गांधी का कहना है कि इसी ‘इंस्टीट्यूशनल कैप्चर’ यानी संस्थागत कब्जे को रोकने के लिए विपक्ष के नेता को चयन समिति में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें सार्थक भूमिका निभाने से रोका जा रहा है.

राहुल गांधी ने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी क्यों नहीं माना?

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सिलेक्शन कमेटी के


Spread the love