

यूकेडी में उभरता नया दौर: गढ़वाल की ताकत, युवाओं की लहर और मिशन 2027 की पटकथा

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
उत्तराखंड की राजनीति में 2027 को लेकर हलचल तेज हो चुकी है और इस बार क्षेत्रीय दल उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) भी नई रणनीति और नए नेतृत्व के साथ मैदान में उतरता दिख रहा है। लंबे समय से कमजोर होती पकड़ के बीच अब पार्टी के भीतर एक नई ऊर्जा देखने को मिल रही है, जिसका केंद्र बन रहे हैं वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी और उभरते युवा चेहरे आशीष नेगी।
रामनगर महारैली में काशी सिंह ऐरी द्वारा सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान यूकेडी की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर असली हलचल गढ़वाल क्षेत्र में देखने को मिल रही है। गढ़वाल संवाद यात्रा के माध्यम से आशीष नेगी ने गांव-गांव जाकर युवाओं, महिलाओं और स्थानीय जनता से सीधा संवाद स्थापित किया है, जिससे पार्टी को नई पहचान मिल रही है।
“जय पहाड़, जय पहाड़ी” का नारा अब केवल एक उद्घोष नहीं, बल्कि जनभावनाओं का प्रतीक बन चुका है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली और जौनसार में जिस तरह से यूकेडी को समर्थन मिल रहा है, वह इस बात का संकेत है कि 2027 में गढ़वाल निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
वहीं कुमाऊं क्षेत्र में पुष्पेश त्रिपाठी जैसे नेता अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं, लेकिन पूरे क्षेत्र में पार्टी का प्रभाव अभी सीमित है। ऐसे में केवल कुमाऊं के भरोसे सत्ता की राह आसान नहीं दिखती।
यूकेडी के भीतर सबसे बड़ी चुनौती पुरानी और नई सोच के बीच टकराव है। यदि पार्टी इस आंतरिक मतभेद को दूर कर एकजुट होकर आगे बढ़ती है, तो मिशन 2027 में वह एक मजबूत विकल्प बनकर उभर सकती है। अन्यथा, यह अवसर भी हाथ से निकल सकता है।
मिशन 2027: काशी सिंह ऐरी की रणनीति बनाम आशीष नेगी की लहर—गढ़वाल तय करेगा यूकेडी का भविष्य”उत्तराखंड क्रांति दल एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहां अनुभव और युवा ऊर्जा आमने-सामने हैं। काशी सिंह ऐरी की संगठनात्मक रणनीति पार्टी को संरचना देती है, वहीं आशीष नेगी की जनलहर उसे जमीन पर मजबूती दे रही है। गढ़वाल में बढ़ता जनसमर्थन साफ संकेत दे रहा है कि 2027 की राह यहीं से तय होगी। यदि यूकेडी पुराने और नए नेतृत्व के बीच संतुलन बना लेता है, तो वह मजबूत विकल्प बन सकता है, अन्यथा आंतरिक टकराव उसकी संभावनाओं को कमजोर कर सकता है।




