

रुद्रपुर। सीबीएसई 10वीं परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों के सम्मान समारोहों के बीच अब एक नया विवाद सामने आ गया है। कई अभिभावकों और छात्रों ने आरोप लगाया है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों पर मीडिया के सामने “सेल्फ स्टडी” का दावा करने का दबाव बनाया जाता है, जबकि हकीकत इससे अलग है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड) रही थी।
स्थानीय स्तर पर बातचीत में कुछ छात्रों और अभिभावकों ने बताया कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए महंगे कोचिंग संस्थानों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और स्कूल द्वारा संचालित विशेष पैकेज का सहारा लिया गया। इसके बावजूद मीडिया में केवल “सेल्फ स्टडी” की कहानी प्रस्तुत की जाती है, जिससे स्कूल की छवि चमकाई जा सके।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सफलता के पीछे उनका आर्थिक और मानसिक योगदान सबसे बड़ा होता है। लाखों रुपये फीस, कोचिंग और अन्य शैक्षणिक संसाधनों पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर इस सच्चाई को छिपाया जाता है।
मामले ने तब और तूल पकड़ा जब कुछ लोगों ने पूर्व में भी एक स्कूल के परिणामों पर सवाल उठने और शिक्षा विभाग द्वारा संदेह व्यक्त किए जाने की बात दोहराई।
अब अभिभावकों ने मांग की है कि निजी स्कूलों के परीक्षा परिणामों और प्रचार तंत्र की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और छात्रों को सच बोलने के लिए प्रोत्साहित किया जा




