रुद्रपुर में श्री गोल्ज्यू महाराज का द्वितीय स्थापना दिवस आज, रात 8 बजे गूंजेगी देव जागर

17 और 18 अक्टूबर को दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान, गणेश पूजन से लेकर अभिषेक, पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण तक होंगे कार्यक्रम

रुद्रपुर। देवभूमि उत्तराखंड की लोक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक न्याय के देवता श्री गोल्ज्यू महाराज के प्रति श्रद्धा और भक्ति के साथ रुद्रपुर में श्री गोल्ज्यू मंदिर का द्वितीय स्थापना दिवस एवं वार्षिक धार्मिक अनुष्ठान 17 और 18 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जा रहा है। शैल सांस्कृतिक समिति (शैल परिषद), रुद्रपुर के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्री गणेश पूजन, गोल्ज्यू महाराज की देव जागर, अभिषेक, पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर

समिति की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, शनिवार 17 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल पक्ष सप्तमी के अवसर पर सायंकाल चार बजे से श्री गणेश पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ होगा। इसके बाद रात्रि आठ बजे से श्री गोल्ज्यू महाराज की देव जागर आयोजित की जाएगी। जागर उत्तराखंड की उस प्राचीन लोक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके माध्यम से लोकदेवताओं का स्मरण, उनकी महिमा का गुणगान और लोक आस्था की अभिव्यक्ति की जाती है।

रविवार 18 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल पक्ष अष्टमी के अवसर पर श्री गोल्ज्यू महाराज का अभिषेक किया जाएगा। इसके पश्चात धार्मिक विधि-विधान के साथ पूर्णाहुति संपन्न होगी और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर श्री गोल्ज्यू महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

देव जागर उत्तराखंड की लोक संस्कृति और आस्था का प्रतीक

उत्तराखंड में गोल्ज्यू महाराज को न्याय के देवता के रूप में विशेष श्रद्धा के साथ पूजा जाता है। लोकमान्यताओं में उन्हें न्याय, सत्य और जनविश्वास का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जब किसी व्यक्ति को न्याय मिलने में कठिनाई होती है, तो वह गोल्ज्यू महाराज के दरबार में अपनी प्रार्थना लेकर पहुंचता है। यही कारण है कि उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों के बीच भी गोल्ज्यू महाराज के प्रति गहरी आस्था देखने को मिलती है।

देव जागर उत्तराखंड की विशिष्ट लोक परंपरा है। इसमें पारंपरिक लोकधुनों, वाद्ययंत्रों और जागर गायन के माध्यम से देवी-देवताओं का आह्वान किया जाता है। यह परंपरा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पहाड़ की लोककथाओं, पारंपरिक मान्यताओं, सामाजिक स्मृतियों और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी दिखाई देती है। जागर के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और लोकदेवताओं से जोड़ने का अवसर मिलता है।

रुद्रपुर जैसे औद्योगिक और बहुसांस्कृतिक शहर में इस प्रकार के आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां बड़ी संख्या में उत्तराखंड मूल के लोग निवास करते हैं, जिनके लिए अपने आराध्य देवताओं की पूजा-अर्चना और पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रम अपनी मातृभूमि तथा सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का माध्यम हैं।

गोपाल सिंह पटवाल ने श्रद्धालुओं से की सहभागिता की अपील

शैल सांस्कृतिक समिति (शैल परिषद), रुद्रपुर के अध्यक्ष गोपाल सिंह पटवाल ने श्री गोल्ज्यू महाराज के द्वितीय स्थापना दिवस एवं वार्षिक अनुष्ठान के अवसर पर श्रद्धालुओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि श्री गोल्ज्यू महाराज उत्तराखंड की जनआस्था और न्याय की परंपरा के प्रमुख प्रतीक हैं। उनकी देव जागर हमारी लोक संस्कृति, धार्मिक विश्वास और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

पटवाल के अनुसार, मंदिर के स्थापना दिवस का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान पहाड़ी समाज में आपसी सद्भाव, सहयोग, सेवा और सांस्कृतिक एकता की भावना को मजबूत करना भी है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी लोक परंपराओं से जुड़ने और नई पीढ़ी को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे परिवार सहित मंदिर पहुंचकर श्री गोल्ज्यू महाराज की देव जागर, पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करते हैं।

गोपाल सिंह पटवाल, अध्यक्ष, शैल सांस्कृतिक समिति (शैल परिषद), रुद्रपुर ने सभी श्रद्धालुओं से आयोजन में शामिल होकर धार्मिक परंपराओं के संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया।

दो दिवसीय कार्यक्रम का विवरण

17 अक्टूबर, शनिवार

  • सायंकाल 4 बजे से: श्री गणेश पूजन।
  • रात्रि 8 बजे से: श्री गोल्ज्यू महाराज की देव जागर।

18 अक्टूबर, रविवार

  • श्री गोल्ज्यू महाराज का अभिषेक।
  • धार्मिक अनुष्ठान एवं पूर्णाहुति।
  • श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण।

श्री गोल्ज्यू महाराज के द्वितीय स्थापना दिवस और वार्षिक अनुष्ठान के माध्यम से रुद्रपुर में उत्तराखंड की लोक आस्था, आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का संदेश प्रसारित होगा। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने का अनुरोध किया है।

निवेदक: गोपाल सिंह पटवाल, अध्यक्ष, शैल सांस्कृतिक समिति (शैल परिषद), रुद्रपुर।

जय गोल्ज्यू देवता की!