आईएमपीसीएल के विनिवेश पर भड़के राज्य आंदोलनकारी, सांसद-विधायकों से मौन तोड़ने की अपील

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रामनगर, 28 मई 2026। आयुष मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में संचालित देश की एकमात्र आयुर्वेदिक एवं यूनानी दवा निर्माण कंपनी आईएमपीसीएल मोहन के विनिवेश को लेकर राज्य आंदोलनकारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार पर मुनाफे में चल रही कंपनी को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए इसे कर्मचारियों और किसानों के हितों पर कुठाराघात बताया।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड


राज्य आंदोलनकारियों की समस्याओं के समाधान और उन्हें एकजुट करने के उद्देश्य से राज्य दौरे पर निकले सम्मान परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष एवं पूर्व दर्जा राज्य मंत्री धीरेंद्र प्रताप के रामनगर पहुंचने पर लखनपुर क्रांति चौक पर उनका स्वागत किया गया। इसके बाद लखनपुर स्पोर्ट्स क्लब में राज्य सेनानी मंच रामनगर के संयोजक चंद्रशेखर जोशी की अध्यक्षता और प्रभात ध्यानी के संचालन में बैठक आयोजित हुई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आईएमपीसीएल मोहन वर्षों से आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं का निर्माण कर देशभर में पहचान बनाए हुए है। इसके बावजूद केंद्र सरकार द्वारा कंपनी को निजी हाथों में सौंपे जाने से स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के साथ-साथ किसानों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है।
पूर्व दर्जा मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने अल्मोड़ा, नैनीताल और पौड़ी संसदीय क्षेत्रों के सांसदों एवं विधायकों से इस मुद्दे पर आगे आने की अपील की। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, सांसद अजय भट्ट, सांसद अनिल बलूनी, विधायक महेश जीना, सरिता आर्या और दीवान सिंह बिष्ट से मौन तोड़कर आईएमपीसीएल को बचाने के लिए पहल करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर आगे नहीं आए तो जनता उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर करेगी।
बैठक में राज्य आंदोलनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बावजूद राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। साथ ही वर्ष 2021 तक जमा चिह्नीकरण आवेदनों का निस्तारण भी जिलाधिकारियों द्वारा नहीं किया जा रहा है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 29 मई को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आईएमपीसीएल के विनिवेश को रोकने तथा राज्य आंदोलनकारियों की मांगों के समाधान की मांग उठाई जाएगी।
बैठक में धीरेंद्र प्रताप, प्रभात ध्यानी, चंद्रशेखर जोशी, इंद्र सिंह मनराल, अनिल अग्रवाल ‘खुलासा’, हाफिज सईद अहमद, नवीन नैथानी सहित कई राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।


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