जबकि उत्तराखंड में पहला मामला वर्ष 2020 में अल्मोड़ा में दर्ज किया गया था।
नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक वर्ष 2024 में उत्तराखंड में साइबर पोर्नोग्राफी के कुल 82 मामले सामने आए हैं।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
ये हैं मामले
इस माह कुमाऊं में सबसे पहले ऊधम सिंह नगर के रूद्रपुर भदईपुरा निवासी आरोपित हिमांशु मिश्रा के खिलाफ इंस्टाग्राम में वर्ष 2023 में बाल अश्लीलता संबंधी वीडियो शेयर करने पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इसके बाद चार दिन पहले ही पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट थाने में आरोपित विपिन चंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विपिन ने मोबाइल पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी डाउनलोड कर फेसबुक में शेयर की थी।इसमें आरोपित युवक ने महिला के नाम पर फेसबुक आइडी बनाई हुई थी।
वहीं अब हल्द्वानी के बनभूलपुरा निवासी आशु अहमद पर प्राथमिकी दर्ज की गई। जिसपर देखने को मिला की इंटरनेट पर कामुक व्यक्त करने वाले बालक को चित्रित करने वाली सामग्री प्रसारित की गई है।
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी शेयर करने वाले दोषसिद्ध आरोपित को अधिकतम पांच वर्ष तक की कैद व 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।
