अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर पोस्ट कर लिखा, ‘असल में अब वे परमाणु हथियार नहीं चाहते और न ही उन्हें यह मिलेगा, चाहे खरीदकर, बनाकर या किसी और तरीके से। इस डील पर रविवार को साइन होने हैं और साइन होते ही होर्मुज जलमार्ग सभी के लिए खुल जाएगा। ईरान के साथ हमारे रिश्ते पिछली सरकारों के मुकाबले बहुत अलग और बेहतर हैं।’
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड।
अमेरिका की पिछली नीतियों का भी ट्रंप ने किया जिक्र
ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका की पिछली नीति का भी जिक्र किया और उसकी तुलना एक नए दृष्टिकोण से की, जिसे उन्होंने वित्तीय भुगतान से रहित बताया। उन्होंने दावा किया, ‘ओबामा द्वारा ईरान को दिए गए सैकड़ों अरब डॉलर के भुगतान के विपरीत, जिसमें 1.7 अरब डॉलर नकद भी शामिल थे, इस बार पैसों का कोई लेन-देन नहीं होगा।’
उम्मीद है हमें आखिरी विकल्प का इस्तेमाल ना करना पड़े- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ‘सही समय आने पर, जब सब कुछ शांत हो जाएगा, तो हम अपने शानदार B-2 बॉम्बर्स और उनके बेहतरीन पायलटों की मदद से अंदर जाकर उस न्यूक्लियर डस्ट को निकालेंगे जो ग्रेनाइट के पहाड़ों के नीचे गहराई में दबी है और उसे कमजोर करके नष्ट कर देंगे, चाहे ईरान में या अमेरिका में। हम भविष्य में ईरान और पूरे मध्य पूर्व (Middle East) के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं। उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्दी, आसानी से और बिना किसी रुकावट के पूरी हो जाएगी। अगर ऐसा नहीं होता है, तो हमारे पास सबसे आखिरी विकल्प भी मौजूद है। उम्मीद है कि उसका इस्तेमाल कभी नहीं करना पड़ेगा।’ वहीं इससे पहले ईरान ने इस दावे को लेकर कहा कि समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर नहीं किए जाएंगे।
शांति समझौते को 24 घंटे में अंतिम रूप दिया जा सकता है- शहबाज शरीफ
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की टिप्पणी के बाद आया है। इसमें शरीफ ने कहा था कि शांति समझौता पहले से भी कहीं ज्यादा करीब है और अगले 24 घंटे में इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। एक्स पर एक पोस्ट में शरीफ ने लिखा, ‘हम शांति समझौते के पहले से कहीं अधिक करीब हैं। अगले 24 घंटों में समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है और पाकिस्तान इसके तुरंत बाद शांति समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक साइन करने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद अगले हफ्ते तकनीकी स्तर की वार्ता होगी।’
उन्होंने आगे कहा, ‘हम वार्ता के दौरान अपनी निरंतर प्रतिबद्धता के लिए अमेरिका और ईरान के प्रति आभार व्यक्त करना चाहते हैं और क्षेत्र में हमारे भाइयों को उनके समर्थन के लिए हार्दिक धन्यवाद देते हैं। हमें विश्वास है कि यह ऐतिहासिक शांति समझौता स्थायी शांति की मजबूत नींव रखेगा।’
