रुद्रपुर। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को रुद्रपुर मुख्य बाजार स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
💔मोहिनी अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा ने कहा कि भाजपा शासन में बहू-बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध चिंता का विषय बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार महिला अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में सफल नहीं रही है। भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आने वाले मामलों में भी सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठते रहे हैं।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि महिलाओं के साथ अपराध करने वालों के खिलाफ राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड सहित महिलाओं से जुड़े सभी मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना जरूरी है। सरकार को महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ममता रानी ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। कांग्रेस लगातार महिलाओं की सुरक्षा और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग उठाती रही है। उन्होंने महिलाओं और बेटियों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई तथा दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार वर्ष हो चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार को अब भी पूर्ण न्याय का इंतजार है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मामले में निष्पक्ष जांच और कथित वीआईपी एंगल से जुड़ी कार्रवाई को अपेक्षित गति नहीं मिली है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक प्रत्येक पीड़ित बेटी को न्याय नहीं मिलता, पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन में पार्षद बाबू साहब, जकी रजा, अलका पाल, दिनेश पंत, सुनील चुघ, पवन बिष्ट, राजवीर सिंह विर्क, ममता हाल्दार, इंदुमान, गोपाल भसीन, बाबू खान, जितेन्द्र सरस्वती, सरोज शर्मा, ज्योति टम्टा, सुशील बत्रा, चेतन मांगट, रामकुमार गुप्ता, रंजीत तिवारी, कुंदन टम्टा, प्रदीप यादव, मुशर्रफ हुसैन, बबलू सागर, सद्दाम पाशा, आसीत बाला, राधेश्याम बंसल, राजू सागर, उमा सरकार, जमुना प्रसाद कोली, आबिद हुसैन, सतीश कुमार, जयदेव मिस्त्री, उमर खान, दिनेश कोली, मोहन कुमार, फरमान सिद्दीकी, शिवम सागर और फैज राज खान समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
