ज्योतिषाचार्य पंडित त्रिलोचन पनेरु के अनुसार, शनि का यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा। हालांकि, मेष, वृषभ और मीन राशि के लोगों को इस दौरान ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी। वहीं कुंभ राशि के जातकों को साढ़ेसाती से राहत मिल जाएगी।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
मेष राशि वालों को सेहत का रखना होगा ध्यान
पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि के मेष राशि में आने के बाद इस राशि के लोगों की सेहत पर असर पड़ सकता है। काम का दबाव बढ़ने से थकान और तनाव महसूस हो सकता है। पुरानी बीमारी दोबारा परेशान कर सकती है। इसलिए नियमित दिनचर्या अपनाएं और स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें।
वृषभ राशि के विदेश से जुड़े काम में आ सकती है रुकावट
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह गोचर बाहरी संबंधों और विदेश से जुड़े मामलों में कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। विदेश यात्रा, विदेशी कंपनी से जुड़े काम या अंतरराष्ट्रीय कारोबार में देरी होने की आशंका रहेगी। किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी करने से बचना बेहतर रहेगा।
मीन राशि वालों को आर्थिक मामलों में रहना होगा संभलकर
मीन राशि के लोगों के लिए शनि का राशि परिवर्तन आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने का संकेत देता है। खर्च बढ़ सकते हैं और बचत प्रभावित हो सकती है। निवेश, लेन-देन और बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। अनावश्यक खर्च से बचने की कोशिश करें।
किस राशि पर साढ़ेसाती का कौन सा चरण रहेगा?
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, 3 जून 2027 को शनि के मेष राशि में प्रवेश करते ही साढ़ेसाती का क्रम भी बदल जाएगा।
– कुंभ राशि के जातकों की साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी।
– मीन राशि पर साढ़ेसाती का तीसरा और अंतिम चरण शुरू होगा।
– मेष राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण रहेगा। इसे साढ़ेसाती का सबसे प्रभावशाली चरण माना जाता है।
– वृषभ राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा।
पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि शनि कर्म के अनुसार फल देते हैं। इसलिए इस दौरान धैर्य, अनुशासन और ईमानदारी के साथ काम करना जरूरी होगा।
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