मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. ईरान के लगातार जवाबी कार्रवाई के भड़के अमेरिका-इजराइल ने आज राजधानी तेहरान पर 80 फाइटर जेट्स से हमला कर दिया है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ करने की मांग की है .

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जिससे कई सैन्य ठिकाने ध्वस्त हुए हैं।

स्काई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने एक सप्ताह के भीतर ईरान के भीतर 7,000 से अधिक बम गिराकर 360 से अधिक ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। इसमें सैन्य सुविधाओं पर हमले शामिल हैं, साथ ही अस्पतालों, ऊर्जा अवसंरचना और एक लड़कियों के स्कूल जैसे नागरिक अवसंरचना पर हमले भी शामिल हैं।

(फोटो क्रेडिट- हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

शांतिप्रिय ईरान की स्थापना का समय- नेतन्याहू

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

ईरान पर हमले के दौरान सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानियों से अपनी सरकार को गिराने का आह्वान किया। नेतन्याहू ने कहा, “ईरान के सभी वर्गों – फारसियों, कुर्दों, अजेरियों, बलूचियों और अहवाजियों- के लिए अत्याचार के जुए से खुद को मुक्त करने और एक स्वतंत्र और शांतिप्रिय ईरान की स्थापना करने का समय आ गया है।”

अमेरिका ने स्पष्ट किया इरादा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इजरायली पीएम नेतन्याहू के इन बातों समर्थन किया है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने यह भी कहा है कि इस जंग का लक्ष्य ईरान की नौसेना, मिसाइलों, परमाणु कार्यक्रम और सहयोगी मिलिशिया के नेटवर्क से उत्पन्न खतरे को बेअसर करना है, न कि शासन परिवर्तन।

बता दें कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि मौजूदा शासन के भीतर किसी व्यक्ति की नीतियां अमेरिका को स्वीकार्य हों तो उन्हें सत्ता संभालने में खुशी होगी। ट्रंप का कहना है कि उनका संकेत दिया है कि यदि मौजूदा शासन के भीतर किसी व्यक्ति की नीतियां अमेरिका को स्वीकार्य हों तो उन्हें सत्ता संभालने में खुशी होगी।

स्काई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल और अमेरिका ने तेहरान और कुर्द क्षेत्रों में पुलिस स्टेशनों को निशाना बनाया। इससे अमेरिकी और इजरायल को अभी भी इस बात की उम्मीद है कि ईरानी नागरिक अपनी ही सरकार को उखाड़ फेकेंगे।

तेहरान में सरकारी दमन के साथ दबाई गई आवाज

गौरतलब है कि ईरान की राजधानी तेहरान ऐतिहासिक रूप से शासन के प्रति उदारवादी और राष्ट्रवादी विरोध का केंद्र रहा है, और यहीं से पिछले साल के अंत में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। उन विरोध प्रदर्शनों को पुलिस समेत सरकारी बलों द्वारा घातक दमन के साथ दबा दिया गया।

कुर्द में खामनेई की मौत पर जश्न

वहीं, सनंदज जैसे कुर्द बहुल शहरों ने लंबे समय से ईरान की केंद्रीय सरकार से अधिक अधिकारों और स्वायत्तता की मांग की है। कुर्द के लोगों ने सु्प्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत का सार्वजनिक उत्सव के साथ स्वागत किया और सड़क पर जयकारा लगाते हुए जश्न मनाए।

पिछले एक सप्ताह से मिडिल ईस्ट में चल रही तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले एक हफ्ते में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर 7,000 से अधिक बम गिराए हैं।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शनिवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में स्पष्ट किया कि आज की रात ईरान के सैन्य ढांचे के लिए निर्णायक साबित होने वाली है।

​ईरान की मिसाइल शक्ति को खत्म करने का ब्लूप्रिंट

​अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस आगामी बड़े हमले का प्राथमिक उद्देश्य ईरान की आक्रामक क्षमताओं को पूरी तरह पंगु बनाना है। वित्त मंत्री बेसेंट के अनुसार, गठबंधन सेना ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स और मिसाइल बनाने वाली प्रमुख फैक्ट्रियों को निशाना बनाएगी। इस रणनीतिक कार्रवाई के जरिए अमेरिका का लक्ष्य ईरान की लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल क्षमता को काफी हद तक कमजोर करना है, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता को फिर से बहाल किया जा सके।

​तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर इजरायली स्ट्राइक

​घोषित महा-हमले से पहले ही इजरायल ने शुक्रवार देर रात तेहरान में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। इजरायली वायुसेना ने तेहरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मेहराबाद एयरपोर्ट को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों के बाद एयरपोर्ट परिसर से आग की लपटें और धुएं का भारी गुबार उठता हुआ देखा गया। यह हमला ईरान के हवाई संपर्क और रसद आपूर्ति तंत्र को बाधित करने की इजरायली रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

​जमीनी जंग की तैयारी में ट्रंप और सैन्य मदद

​युद्ध के बढ़ते दायरे के बीच अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के साथ ही रणनीतिक बदलाव भी देखने को मिल रहे हैं। एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के भीतर जमीनी स्तर पर अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की योजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने व्हाइट हाउस के सहयोगियों और रिपब्लिकन नेताओं के साथ इस विचार को साझा किया है। इस बीच, अमेरिका ने इजरायल को सैन्य रूप से और मजबूत करने के लिए लगभग 151.8 मिलियन डॉलर के नए हथियार देने का भी फैसला किया है।

​क्षेत्रीय तनाव: सऊदी-कतर पर ड्रोन हमले नाकाम

​जंग की आग अब पड़ोसी देशों को भी अपनी चपेट में ले रही है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उसके ‘शायबह तेल क्षेत्र’ की ओर बढ़ रहे 6 ईरानी ड्रोनों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा रियाद की ओर बढ़ रहा एक अन्य ड्रोन भी मार गिराया गया। कतर ने भी शुक्रवार को ड्रोन हमलों की एक लहर का सामना किया, जिसमें 10 में से 9 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि एक ड्रोन आबादी से दूर एक सुनसान इलाके में जा गिरा।

जंग के अब तक के बड़े अपडेट्स

  • मानवीयक्षति: अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में अब तक ईरान में 1332 लोगों की मौत होने की खबर है।
  • इंफ्रास्ट्रक्चरपरचोट: ईरान के भीतर 1300 से अधिक हमले किए गए हैं, जिनमें 14 मेडिकल सेंटरों को भी नुकसान पहुँचा है और कई शहरों में बिजली-पानी की सप्लाई ठप हो गई है।
  • ईरानीपलटवार: ईरान ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में कुवैत, बहरीन और यूएई में स्थित 20 अमेरिकी बेस को क्षति पहुँचाई है।
  • रूसीहस्तक्षेपकादावा: वॉशिंगटन पोस्ट ने दावा किया है कि रूस ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा कर रहा है।

ट्रंप के मुताबिक ईरान की सेना, नौसेना और संचार तंत्र लगभग नष्ट हो चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के कई बड़े नेता अब नहीं रहे और उनके दो प्रमुख दलों के नेता भी जा चुके हैं, जबकि तीसरा समूह ही अब बचा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की वायुसेना पूरी तरह खत्म हो गई है और उसके सभी 32 जहाज समुद्र की गहराई में डूब चुके हैं। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और इसे पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है।

Iran vs Israel Conflict: सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर ट्रंप ने किया पोस्ट

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने अमेरिका की प्रमुख रक्षा निर्माण कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। इस बैठक में हथियारों के उत्पादन और भविष्य के प्रोडक्शन शेड्यूल को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। ट्रंप के अनुसार बैठक में शामिल कंपनियों ने बेहतर और आधुनिक हथियारों के उत्पादन को चार गुना तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका जितनी जल्दी हो सके अपनी सैन्य ताकत को और ऊंचे स्तर तक पहुंचाना चाहता है। ट्रंप ने यह भी बताया कि इस बैठक से करीब तीन महीने पहले ही कई रक्षा परियोजनाओं के विस्तार का काम शुरू कर दिया गया था और कई हथियार निर्माण संयंत्र पहले से ही सक्रिय हैं।

Israel Iran War Latest News: अमेरिका के पास मीडियम और अपर मीडियम ग्रेड के गोला-बारूद की पर्याप्त सप्लाई मौजूद

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अमेरिका के पास मीडियम और अपर मीडियम ग्रेड के गोला-बारूद की पर्याप्त सप्लाई मौजूद है, जिसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर किया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इन संसाधनों का उपयोग ईरान से जुड़े अभियानों में भी किया जा रहा है। इस बैठक में कई बड़ी रक्षा कंपनियों के सीईओ भी शामिल हुए थे। ट्रंप के अनुसार यह बैठक आगे होने वाली एक और महत्वपूर्ण बैठक के साथ समाप्त हुई, जो दो महीने बाद आयोजित की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि देश के अलग-अलग राज्य इन नए रक्षा संयंत्रों को स्थापित करने के लिए बोली लगा रहे हैं, जिससे अमेरिका में रक्षा उद्योग के विस्तार की संभावनाएं और तेज हो सकती हैं।

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