उत्तराखंड नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूल शिक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी की गई है। NCERT ने सिलेबस और किताबों में बदलाव का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य पढ़ाई को अधिक आधुनिक और उपयोगी बनाना है।

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छात्रों को अब व्यावहारिक और स्किल आधारित शिक्षा दी जाएगी। बदलाव चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। इससे शिक्षा प्रणाली में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

2026-27 सत्र से लागू होगा नया सिलेबस

कक्षा 9 के लिए नया सिलेबस सत्र 2026-27 से लागू किया जाएगा। इसका ड्राफ्ट जारी कर सुझाव मांगे गए हैं। शिक्षकों और विशेषज्ञों से फीडबैक लिया जा रहा है।

इसी सत्र में कक्षा 10 और 11 के छात्र पुरानी किताबों से पढ़ेंगे। नई किताबें 2027-28 सत्र से लागू होंगी। इस तरह बदलाव धीरे-धीरे लागू किया जाएगा।

क्या बदला: रटने से हटकर ‘स्किल बेस्ड’ पढ़ाई

NCERT ने सिलेबस का पूरा एंगल बदल दिया है। अब फोकस रटने (रोट लर्निंग) से हटाकर स्किल और समझ पर किया गया है।

पढ़ाई को ज्यादा प्रैक्टिकल और लाइफ-ओरिएंटेड बनाया जा रहा है। कम चैप्टर, लेकिन ज्यादा गहराई वाला कंटेंट रखा गया है।

क्लासरूम को इंटरैक्टिव बनाने पर जोर है। यह बदलाव नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार है।

क्या हटाया गया: कई चैप्टर और टॉपिक कम किए गए

कक्षा 9 साइंस में ‘Matter in Our Surroundings’ चैप्टर हटाया गया है। फिजिक्स से ‘Gravitation’ चैप्टर को हटा दिया गया है।

बायोलॉजी में ‘Improvement in Food Resources’ हटाया गया है। इतिहास में कई पारंपरिक और लंबे टॉपिक कम या शिफ्ट किए गए हैं।

कुछ पुराने साहित्यिक कंटेंट (इंग्लिश) भी हटाए गए हैं। कुल मिलाकर सिलेबस को छोटा लेकिन फोकस्ड बनाया गया है।

क्या जोड़ा गया: नए टॉपिक और आधुनिक कंटेंट

फिजिक्स में टॉपिक जोड़े गए हैं। बायोलॉजी में ‘Reproduction’ और ‘Diversity’ जैसे चैप्टर शामिल हुए हैं।

AI, डिजिटल लर्निंग और टेक्नोलॉजी बेस्ड कंटेंट पर जोर बढ़ा है। इंडियन नॉलेज सिस्टम और सांस्कृतिक विषयों को शामिल किया गया है।

वोकेशनल, आर्ट और वेलनेस जैसे नए सब्जेक्ट्स जोड़े जा रहे हैं। अब पढ़ाई ज्यादा ‘रियल लाइफ एप्लिकेशन’ पर आधारित होगी।

क्या नया पैटर्न आया: सब्जेक्ट और स्ट्रक्चर में बदलाव

कक्षा 9 में अब अतिरिक्त विषय पढ़ने पड़ सकते हैं। भाषाओं की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल है।

थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट वर्क बढ़ाया गया है। डिजिटल और प्रिंट दोनों तरह की किताबें उपलब्ध होंगी।

छात्र-केंद्रित (student-centric) मॉडल अपनाया गया है। पूरे सिस्टम को लचीला और आधुनिक बनाया जा रहा है।

कौन से लेखक/कंटेंट बदले या हटे

इंग्लिश बुक में पुराने क्लासिक पाठों को हटाया गया है। उनकी जगह नए भारतीय संदर्भ और लोकल कहानियां जोड़ी गई हैं।

इतिहास में कुछ पारंपरिक हिस्सों को कम या हटाया गया है। कंटेंट को ‘भारतीय परिप्रेक्ष्य’ के अनुसार री-डिजाइन किया गया है।

कुछ विवादित या गलत सामग्री (जैसे मैप) भी हटाई गई है। अब कंटेंट ज्यादा प्रासंगिक और संतुलित बनाने की कोशिश है।

छात्रों और शिक्षकों पर क्या असर पड़ेगा

छात्रों का बोझ कम होगा लेकिन समझ बढ़ेगी। कंसेप्ट बेस्ड पढ़ाई से प्रतियोगी परीक्षाओं में मदद मिलेगी। शिक्षकों को नई पद्धति के अनुसार ट्रेनिंग लेनी होगी।

क्लासरूम टीचिंग का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। डिजिटल और एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग बढ़ेगी। कुल मिलाकर शिक्षा ज्यादा आधुनिक और उपयोगी होगी।


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