रुद्रपुर में महाअष्टमी पर भव्य शोभायात्रा, अटरिया माता मंदिर में मेले का शुभारंभरुद्रपुर | अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

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रुद्रपुर नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन अवसर पर रुद्रपुर में आज आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। रामपुरा क्षेत्र से अटरिया माता मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और “जय माता दी” के गूंजते जयकारों के बीच यह यात्रा पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ी।
शोभायात्रा में आगे-आगे सुसज्जित रथ पर विराजमान मां गौरी की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। महिलाएं भक्ति गीतों और मंगलगान के साथ चल रही थीं, वहीं युवा वर्ग भी भजनों पर झूमता नजर आया। पूरे मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर देवी का स्वागत किया।
 महागौरी पूजा का विशेष महत्व
महाअष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन विधिपूर्वक पूजा-अर्चना, कन्या पूजन और भोग लगाने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से निसंतान दंपत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।
मां महागौरी को श्वेत वृषभ (बैल) पर आरूढ़ माना जाता है और उन्हें वृषारूढ़ा भी कहा जाता है। चार भुजाओं में त्रिशूल, डमरू, अभय और वर मुद्रा के साथ वह अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने हलवा, पूड़ी, खीर, नारियल, फल और बताशे का भोग अर्पित किया।
यूपी से भी पहुंचे श्रद्धालु, दिखी सांस्कृतिक एकता
इस भव्य आयोजन में केवल रुद्रपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों से भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर से आए भक्तों ने शोभायात्रा में शामिल होकर आयोजन को और भव्य बना दिया।
इसके साथ ही पारंपरिक वेशभूषा में थारू समुदाय के लोगों की उपस्थिति ने सांस्कृतिक विविधता की झलक प्रस्तुत की। यह आयोजन सामाजिक समरसता और धार्मिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा।

अटरिया माता मंदिर में 8-10 दिवसीय मेले की शुरुआत
शोभायात्रा के अटरिया माता मंदिर पहुंचने के साथ ही यहां 8 से 10 दिनों तक चलने वाले भव्य मेले का शुभारंभ हो गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ भंडारे, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय व्यापारियों की दुकानों से पूरा क्षेत्र उत्सव स्थल में तब्दील हो गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अटरिया माता मंदिर में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फल देती है।
सामाजिक एकता और आस्था का प्रतीक
यह शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम भी बनकर सामने आई है। यहां हर वर्ग, हर समुदाय और हर आयु वर्ग के लोग एक साथ मां के जयकारे लगाते नजर आए।
रुद्रपुर में आज का दिन इस बात का प्रमाण बना कि आधुनिक जीवनशैली के बीच भी लोगों की आस्था और परंपराओं के प्रति विश्वास अटूट है।
शुभकामनाएं
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की ओर से समस्त रुद्रपुर वासियों, उत्तराखंड के नागरिकों और देशभर से आए श्रद्धालुओं को नवरात्रि महाअष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
मां महागौरी सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें।
जय माता दी!


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