

लेकिन पहाड़ों की इस खूबसूरती के बीच एक ऐसी जगह भी है, जहां लोग जाना तो दूर उसके बारे में बात भी नहीं करना चाहते. इस जगह के बारे में अगर आप जानेंगे तो शायद सहम जाएंगे, क्योंकि यह उत्तराखंड की सबसे डरावनी जगह मानी जाती है.

लंबी देहर खदान की कहानी:
हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड में मसूरी से कुछ किलोमीटर दूर, लंबी देहर खदान की. बताया जाता है कि इस जगह के कुछ किलोमीटर तक लोगों को दहशत और डर का एहसास होता है. कई भूतिया और डरावनी कहानियों इस खदान से जुड़ी हैं, जो लोगों को इस ओर कदम बढ़ाने से रोक देती हैं. आसपास के लोग अक्सर नए टूरिस्ट को यहां न जाने की चेतावनी देते हैं और वह प्रचलित कहानियां सुनाते हैं. बता दें, इस जगह पर कई हॉरर फिल्मों और सीरियल्स की शूटिंग की गई है. आप वहां के किसी भी व्यक्ति से लंबी देहर का रास्ता पूछेंगे तो वह दहशत में आ जाएंगे और आपको वहां जाने से मना करेंगे.
भयानक हादसे ने खदान को बनाया भूतिया:
कहानी साल 1990 की है. बताया जाता है कि उस समय यहां माइनिंग चल रही थी और हजारों की तादाद में मजदूर खदान के अंदर काम कर रहे थे. लेकिन माइनिंग की गलत प्रक्रिया के चलते करीब 50 हजार मजदूर खदान में दबकर मर गए. वहीं, जो मजदूर इस खदान के पास थे, उन्हें लंग्स की बीमारी हो गई और वह खांस-खांसकर मर गए. यह भी कहा जाता है कि सभी मजदूरों को खून की उल्टियां हुई थीं. हजारों मौतों के बाद लंबी देहर माइंस मसूरी की सबसे खतरनाक जगह बन गई. उस भयानक हादसे का एहसास आज भी वहां जाने वाले लोगों को होता है. कई लोगों ने बताया है कि वहां का माहौल इतना निगेटिव लगता है, मानों जीने का कोई मकसद ही न बचा हो.
चीखें और रोने की आवाजें सुनाई देती हैं:
स्थानीय लोगों ने बताया है कि लंबी देहर चूना पत्थर की माइंस हुआ करती थीं. अंग्रेजों के जमाने से चल रही इन खदानों को साल 1996 में सील कर दिया गया था. बताया जा रहा है कि इन खदानों के पास जाने वाले लोगों को अक्सर चीखें और रोने की आवाजें सुनाई देती हैं. कभी कोई चिल्लाते हुए बचाने की गुहार लगाता है, कभी मदद की अपील करता सुनाई पड़ता है. लेकिन आसपास दिखाई कोई नहीं देता.
हर साल होने लगे थे बडे़ हादसे:
स्थानीय लोगों का कहना है कि उस जगग के पास हर साल हादसों की संख्या बढ़ने लगी थी. यही वजह थी कि माइंस को बंद किया गया. यहां पर महज 20 लोग रहते हैं और उनके मुताबिक, इस जगह पर आत्माओं का वास है, तो चीखती, चिल्लाती या रोती रहती हैं. लोगों ने बताया कि इस खदान के सामने से गुजरने वाला या तो मौत के मुंह में जाता है या फिर उसका भयंकर एक्सीडेंट हो जाता है.




