रुद्रपुर। सीलिंग भूमि, नजूल भूमि और ट्रांजिट कैंप की दानपत्र भूमि पर वर्षों से रह रहे परिवारों को विद्युत संयोजन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया को ज्ञापन सौंपकर तत्कालीन जिलाधिकारी के 31 मई 2023 तथा सचिव विकास प्राधिकरण के 28 नवंबर 2025 के आदेशों को निरस्त करने और जिला मुख्यालय की सभी आवासीय कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन बहाल कराने की मांग उठाई।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच अनेक परिवार बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। विद्युत संयोजन नहीं मिलने के कारण सैकड़ों परिवारों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए पूर्व में जारी आदेशों को निरस्त कर पात्र परिवारों को शीघ्र बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के विभिन्न वार्डों तथा आसपास की मलिन बस्तियों में हजारों परिवार वर्षों से दानपत्र भूमि पर निवास कर रहे हैं। स्वामित्व संबंधी दस्तावेज और रजिस्ट्री उपलब्ध न होने के कारण उन्हें बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है। वहीं फाजलपुर मेहरोला क्षेत्र की प्रीत विहार, तराई विहार, लोक विहार, बराड़ नगर, अपना इंक्लेव सहित अन्य कॉलोनियों में भी सैकड़ों परिवार स्थायी रूप से रह रहे हैं। इनमें कई लोग रजिस्ट्री वाली तथा नजूल भूमि पर बसे हैं, लेकिन भूमि सीलिंग संबंधी प्रतिबंधों के कारण संपत्ति का क्रय-विक्रय, दाखिल-खारिज और रजिस्ट्री की प्रक्रिया बाधित है, जिसका सीधा असर बिजली कनेक्शन मिलने पर पड़ रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई कि सीलिंग भूमि, नजूल भूमि और दानपत्र भूमि पर बसे परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रखा जाए। साथ ही इन परिवारों को मालिकाना हक प्रदान करने और संबंधित भूमि को फ्रीहोल्ड करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए।
इस दौरान संजीव गुप्ता, संजय ठुकराल, ब्रजेन मंडल, ललित बिष्ट, रामकुमार गुप्ता, संजय कुमार, कुंवर पाल कोली, हिम्मत राम कोली, उनैजा फातमा, विमला देवी, सुनीता, ममता, कलावती, आशिया अंसारी, नाजमा, नेहा, रूबीना, शमीला, मेहनाज बी, विवेक, अंजुम, राहुल, यासमीन, काव्या, बाबू राम, फैसल, रूबल कौर, दीपक, रेशमा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
