पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे. उससे पहले धुकधुकी बढ़ती ही जा रही है. नतीजों से पहले पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भविष्यवाणियों का दौर जारी है.

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कभी किसी में भाजपा को बढ़त है तो किसी में ममता बनर्जी की टीएमसी को. सट्टा बाजार का माहौल भी बंगाल चुनाव को लेकर गरम है. बंगाल जैसे-जैसे मतगणना की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे सट्टा बाजार का मिजाज भी तेजी से बदलता नजर आ रहा है. राजस्थान का फलोदी सट्टाबाजार भी इसमें खूब दिलचस्पी ले रहा है. फलोदी सट्टा बाजार में दूसरे चरण के मतदान के बाद जो तस्वीर उभरकर सामने आई है, उसने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है. ऐसा लग रहा है कि फलोदी सट्टा बाजार ने बंगाल चुनाव पर यूटर्न मार दिया है.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

बंगाल में बदला समीकरण
दरअसल, फलोदी सट्टा बाजार के लेटेस्ट आकलन ने सबको हैरान कर दिया है. एग्जिट पोल से इतर फलोदी बाजार के सट्टा बाजार ने पहले कुछ और संकेत दिए थे. मगर अब दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होते ही अलग भविष्यवाणी कर दी है. जी हां, फलोदी सट्टा बाजार के ताजा आकलन की मानें तो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बाद भाजपा यानी भारतीय जनता पार्टी को 150 से 152 सीटों तक पहुंचता हुआ दिखाया जा रहा है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस को 137 से 140 सीटों के बीच सिमटता हुआ आंका जा रहा है.

क्यों अहम है फलोदी सट्टा बाजार की यह भविष्यवाणी

फलोदी सट्टा बाजार का यह बदलाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि चुनाव से पहले यही बाजार टीएमसी को बढ़त देता नजर आ रहा था, जबकि बीजेपी को करीब 100 सीटों के आसपास ही आंक रहा था.

ममता बनर्जी के भाव में अचानक उछाल
बंगाल की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट, जहां से ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी चुनावी मैदान में हैं, वहां भी सट्टा बाजार का रुख बदला हुआ दिख रहा है. ममता बनर्जी के भाव 20-25 पैसे से बढ़कर 50 पैसे तक पहुंच गए हैं, जो बाजार की नजर में उनकी स्थिति पहले से कमजोर होने का संकेत माना जा रहा है. हालांकि चुनाव से पहले टीएमसी को फलोदी सट्टा बाजार बढ़त दिखा रहा था. वहीं भारतीय जनता पार्टी को मार्च 100 सीटे देने वाला सट्टा बाजार आज दूसरे चरण के मतदान के बाद पूर्ण बहुमत के साथ 150 से अधिक सीटों पर लाकर खड़ा कर रहा है.

अभी और बदलेंगे ट्रेंड?
यह ग्राफ मतगणना की तारीख तक और भी ऊपर नीचे हो सकता है. हालांकि सार्वधिक मतदान सत्ता के खिलाफ माना जाता है. हालांकि, यह भी सच है कि मतगणना से पहले सट्टा बाजार में उतार-चढ़ाव आम बात है और अंतिम नतीजे तक यह ग्राफ कई बार बदल सकता है.

बाकी राज्यों का क्या हाल
अगर बाकी राज्यों की बात करें तो असम में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को 98 से 100 सीटों के आसपास दिखाया जा रहा है, जबकि कांग्रेस 24 से 26 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है. तमिलनाडु में सट्टा बाजार NDA को करीब 100 सीटें और INDIA गठबंधन को 140 सीटों के आसपास बढ़त देता दिख रहा है.

वहीं, केरल चुनाव को लेकर भी बाजार का रुख UDF की मजबूती के साथ 80 सीटे और LDF को 60 सीटों पर बाजार सेशन दिया जा रहा हैं. लेकिन जैसे-जैसे चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, इन आंकड़ों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.


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