

काशीपुर, 16 अप्रैल 2026। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर में एशियन लाइब्रेरीज़ के 9वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ICAL–2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। 16 से 18 अप्रैल तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन की थीम “विकसित होती सूचना परिदृश्य: पुस्तकालयों को भविष्य के लिए तैयार करना” रखी गई है। कार्यक्रम का आयोजन एशियन लाइब्रेरी एसोसिएशन, नई दिल्ली के सहयोग से किया जा रहा है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव आनंद बर्धन रहे। इस अवसर पर आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी, कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत, ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एशियन लाइब्रेरी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आर. के. शर्मा तथा आईआईएम काशीपुर की पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष प्रो. ए. वी. रमण विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई, जिसमें डॉ. आर. के. शर्मा ने पुस्तकालयों के सुदृढ़ पारिस्थितिकी तंत्र और वैश्विक ज्ञान आदान-प्रदान में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने ICAL–2026 को पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के भविष्य को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया।
मुख्य अतिथि आनंद बर्धन ने अपने संबोधन में कहा कि आज के डेटा-आधारित शासन और सूचना विस्फोट के युग में पुस्तकालयों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने तक्षशिला और नालंदा जैसी भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए पुस्तकालयों को आधुनिक, सुलभ और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही राज्य सरकार द्वारा पुस्तकालय अवसंरचना को मजबूत करने के प्रयासों की जानकारी भी साझा की।
आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक पुस्तकालय अब केवल पुस्तकों के भंडार नहीं, बल्कि उभरती प्रौद्योगिकियों से संचालित सशक्त ज्ञान केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य के पुस्तकालयों को तकनीकी रूप से सक्षम, सामाजिक रूप से समावेशी और नैतिक रूप से उत्तरदायी होना होगा, ताकि भ्रामक सूचनाओं और असमान पहुंच जैसी चुनौतियों से निपटा जा सके।
पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष प्रो. ए. वी. रमण ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वचालन की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि ये तकनीकें पुस्तकालय सेवाओं को नई दिशा दे रही हैं और ज्ञान प्रणालियों को अधिक सुदृढ़ व अनुकूलनशील बना रही हैं।
उद्घाटन सत्र के दौरान सम्मेलन की कार्यवाही का विमोचन किया गया तथा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन आईआईएम काशीपुर के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद आसिफ खान के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर “विकसित होता सूचना परिदृश्य: पुस्तकालयों को भविष्य के लिए तैयार करना” शीर्षक से प्रकाशित संपादित पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
सम्मेलन के प्रथम दिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल आर्काइव और ज्ञान प्रबंधन जैसे विषयों पर विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित हुए, जिनमें देश-विदेश के विशेषज्ञों ने अपने शोध और विचार प्रस्तुत किए। साथ ही सम्मेलन की थीम पर आधारित पैनल चर्चा में बदलते सूचना परिदृश्य में पुस्तकालयों की भूमिका और भविष्य पर गहन मंथन किया गया।
दिन का समापन “पुस्तकालयों के लिए एआई-सहायित शोध कार्यप्रवाह” विषय पर आयोजित कार्यशाला के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को एआई आधारित शोध उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश से शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, पुस्तकालय विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिल रही है, जिससे ICAL–2026 वैश्विक ज्ञान आदान-प्रदान के एक प्रभावशाली मंच के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर रहा है।




