किच्छा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप 51 लाख रुपये की लागत से प्रदेश के प्रथम विभाजन विभीषिका सेनानी स्मारक के निर्माण के संबंध में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने पंजाबी समाज के प्रबुद्धजनों एवं विभाजन विभीषिका सेनानी परिवारों के साथ गुलशन मदान के प्रतिष्ठान पर बैठक कर स्मारक के निर्माण एवं स्वरूप को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में उपस्थित लोगों से सुझाव प्राप्त कर उन्हें संकलित किया गया ताकि स्मारक का निर्माण और अधिक भव्य, दिव्य एवं प्रेरणादायी स्वरूप में किया जा सके।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
बैठक में पंजाबी सभा के अध्यक्ष प्रवीण रहेजा, महामंत्री पंडित अनिल शर्मा एवं वरिष्ठ व्यवसायी सुदर्शन ठुकराल के नेतृत्व में समाज के लोगों ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का माला पहनाकर भव्य स्वागत किया।
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि भारत-पाकिस्तान विभाजन की पीड़ा झेलकर किच्छा क्षेत्र में आकर बसे परिवारों के संघर्ष, त्याग एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभाजन विभीषिका सेनानी स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभाजन पीड़ित परिवारों को विभाजन विभीषिका सेनानी की संज्ञा दी गई है तथा उनकी स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किच्छा में आयोजित सभा में स्मारक निर्माण की घोषणा की थी। घोषणा के अनुरूप 51 लाख रुपये की धनराशि कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग को अवमुक्त की जा चुकी है। कहा कि यह स्मारक केवल एक कीर्ति स्तम्भ नहीं होगा, बल्कि उन लाखों लोगों के संघर्ष, साहस और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बनेगा जिन्होंने विभाजन की त्रासदी का सामना करते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को अपने पूर्वजों के संघर्षों एवं बलिदानों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करेगा।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए पंजाबी सभा के महामंत्री पंडित अनिल शर्मा ने कहा कि पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के कार्यकाल में उनके सतत प्रयासों के कारण किच्छा में मॉडल डिग्री कॉलेज, एम्स सैटेलाइट सेंटर, अंतरराज्यीय बस अड्डा, पृथक विद्युत वितरण खंड एवं मुंसिफ कोर्ट जैसी अनेक ऐतिहासिक एवं जनहितकारी योजनाएं स्थापित हो सकीं। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका सेनानी स्मारक के निर्माण के लिए भी राजेश शुक्ला लंबे समय से प्रयासरत थे, जिसके परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री द्वारा इसकी घोषणा की गई तथा अब इसके लिए धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने समाज की ओर से पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर स्मारक को एक भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप दिया जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने पूर्वजों के संघर्षों और बलिदानों को सदैव स्मरण कर सकें। बैठक में अमन मदान, दिव्यांश लूथरा, रिंकू लूथरा, वासुदेव आयलानी, गोल्डी गोराया, संदीप अरोरा, लक्ष्मण खुगगर, हंसराज डुमरा, सावन सिंह, सतीश कुमार चढ़ा, ईश्वर बागवानी, रणजीत सिंह, प्रमोद ठुकराल, विजय अरोरा, नितिन फुटेला, संदीप अरोड़ा, जीव कटारिया, जसमीत कक्कड़, गुरदीप सिंह, रोनित सिंह, शेर सिंह विर्क, परमजीत सिंह, नीरज खुगगर, परमजीत सिंह, महेंद्र सिंह, मोहनलाल सिंधी, जोगिंदर सिंह जिंदू, दिव्यांश लूथरा, विशाल मदान, कृष्ण लाल नारंग, मंगत चुग, राजीव कालरा, मनमोहन सक्सेना, प्रिंस अरोड़ा, जगदीप सिंह, ऋतिक खुराना, विवेक सिंह, सुमित, वीर सिंह, नितिन गुंबर, बलबीर सिंह, राजेंद्र सिंह कामरा, राजा सुखीजा, नरेंद्र ठुकराल, डिंपी अरोड़ा, राज गगनेजा, चरणजीत सिंह, प्रगट सिंह, कुलवंत सिंह, मनोज गांधी समेत सैकड़ो लोग उपस्थित थे!
