मेजर अभिलाषा को साल 2025 के ‘यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ (UN Military Gender Advocate of the Year Award) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
यह पुरस्कार उन्हें लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन (UNIFIL) में अपनी तैनाती के दौरान महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों की रक्षा करने और लैंगिक समानता (Gender Equality) को बढ़ावा देने के लिए दिया गया है।
कौन हैं मेजर अभिलाषा बराक?
मेजर अभिलाषा बराक भारतीय सेना की उड्डयन कोर (Army Aviation Corps) में पहली महिला लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट बनकर पहले ही इतिहास रच चुकी हैं। वह वर्तमान में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL – United Nations Interim Force in Lebanon) के साथ एक फ्रंटलाइन कमांडर के रूप में तैनात हैं। युद्ध और संघर्ष से जूझ रहे लेबनान जैसे संवेदनशील क्षेत्र में उन्होंने न सिर्फ शांति स्थापित करने में मदद की, बल्कि वहां की स्थानीय महिलाओं के जीवन को बदलने का बीड़ा भी उठाया।
5000 से अधिक महिलाओं और लड़कियों की बदली जिंदगी
एक फ्रंटलाइन कमांडर के रूप में अपनी जान जोखिम में डालते हुए मेजर अभिलाषा ने लेबनान के युद्ध-प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर आउटरीच कार्यक्रम चलाए। उन्होंने 5,000 से अधिक स्थानीय महिलाओं और लड़कियों से सीधा संपर्क साधा। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training), शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाए। साथ ही युद्ध के बाद के तनाव और संकट से उबरने और महिला सशक्तिकरण में उनकी मदद की।
