उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक महिला ने अपनी पति की पोल खोलने के लिए पुलिस की मदद मांगी। उसने शहर के सीसीटीवी फुटेज मांगे। इनकार करने पर महिला को सूचना के अधिकार का इस्तेमाल करना पड़ा।

हालांकि फिर भी महिला अपील नाकाम रही। पूरा मामला समझते हैं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

दरअसल, महिला को अपने पति पर शक था कि वह उसकी जासूसी करता है। इस शक में महिला ने पति की पोल खोलने के लिए सूचना के अधिकार का सहारा लेना पड़ा। महिला ने अपने पति के कारनामे को साबित करने के लिए पुलिस से घंटाघर से दर्शनलाल चौक की सीसीटीवी फुटेज मांगी। पुलिस के फुटेज देने में असमर्थता जताने पर मामला सूचना आयोग तक भी पहुंचा। हालांकि पुलिस का तकनीकी पक्ष मजबूत पाते हुए सूचना आयुक्त ने महिला की अपील को निरस्त कर दिया।

पति के रवैये से परेशान थी महिला

मामला काफी रोचक है। दून के प्रेमनगर निवासी एक महिला को शक था कि उसका पति उसकी जासूसी करवा रहा है। महिला के अनुसार 13 अक्टूबर 2025 की दोपहर को दर्शन लाल चौक से घंटाघर के बीच पति ने पीछा किया। पीछा करने के साथ-साथ पति उसकी मोबाइल से वीडियो बना रहा था। पति के रवैये से हैरान महिला ने पति से बाद में पूछा तो उसने जासूसी करने से साफ इंकार कर दिया। महिला ने पति के कारनामे को साबित करने के लिए सूचना का अधिकार के तहत सात फरवरी 2026 को देहरादून पुलिस से दर्शन लाल चौक से घंटाघर तक की सीसीटीवी की फुटेज मांगी।