ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग में, पिछले चार दिनों में तीन भारतीय जहाजों को निशाना बनाया जाना महज इत्तेफाक है या कोई गहरी साजिश.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
सिलसिलेवार तरीके से जानें पूरा घटनाक्रम
गुरूवार यानी 11 जून को ओमान की खाड़ी से आई एक बुरी खबर. खबर ये कि 9 जून को जिस एमटी स्टेबेलो जहाज पर अमेरिका ने मिसाइल अटैक किया था, उसके तीन क्रू मेंबर्स की मौत हो गई है. ये तीनों अमेरिकी नौसेना के हमले के बाद से लापता थे. इन हमले को लेकर भारत सरकार ने कड़ा रूख अपनाया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने राजधानी दिल्ली स्थित यूएस एंबेसी के उच्च अधिकारियों को तलब कर घटना को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. इन हमलों में मारे जाने वाले तीन भारतीयों में से एक की पहचान हिमाचल प्रदेश के 23 साल के आदित्य शर्मा के तौर पर हुई जो एमटी स्टेबेलो जहाज में डेक-कैडेट के तौर पर कार्यरत थे. बाकी दो की पहचान इंजीनियर पी सुरेश और इंजन फिटर शिवनांद चौरसिया के तौर पर हुई. शिपिंग एंड पोर्ट्स मंत्री सर्बानंद सोनवाल ने खुद तीनों भारतीयों के मौत की पुष्टि की और घटना पर दुख जताया. भारत ने अमेरिका से आपत्ति इसलिए दर्ज कराई है, क्योंकि यूएस सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इस जहाज पर हमले की जिम्मेदारी लेते हुए ड्रोन फुटेज जारी की.
