एक वर्चुअल रैली में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा.
अमेरिकी न्यूज पोर्टल एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ईरान में आखिरकार समझौता हो गया है और ये 2 चरणों में लागू किया जाएगा, जिसमें सबसे अहम खबर न्यूक्लियर मटीरियल को लेकर है. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. इसके अलावा ईरान के हाइली एनरिच्ड यूरेनियम का डी-एनरिचमेंट ईरान में ही संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों की निगरानी में होगा. ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर वादे तभी अमल में लाए जाएंगे जब डील के दूसरे चरण पर अमल होगा.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा’
रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नेवी की नाकेबंदी हटाई जाएगी और इसके अलावा जहाजों के लिए बिना किसी टैरिफ (शुल्क) के होर्मुज को खोला जाएगा. 30 दिनों के भीतर होर्मुज को युद्ध के पहले वाली स्थिति में लाया जाएगा. इन सबके अतिरिक्त लेबनान समेत पूरे पश्चिम एशिया में सीजफायर लागू होगा.
‘ईरान के तेल पर प्रतिबंध हटेंगे’
अमेरिका-ईरान समझौते के मुताबिक ईरान के तेल पर प्रतिबंध पहले चरण में 60 दिनों के लिए हटाए जाएंगे. अगर ईरान पहले चरण के समझौते पर अमल करता है तो प्रतिबंधों में छूट आगे बढ़ाई जाएगी. इसके अलावा समझौते के पहले चरण में दस्तखत होने पर ईरान जब्त संपत्तियों को डी-फ्रीज कराना चाहता है और अमेरिका चरणबद्ध डी-फ्रीज़िंग की बात कह रहा है.
इस्लामाबाद एग्रीमेंट दिया गया नाम
अमेरिका-ईरान समझौते के पहले चरण में 60 दिनों का युद्ध विराम लागू होगा. अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड के जेनेवा में इस डील पर हस्ताक्षर करेंगे. इस डील को इस्लामाबाद एग्रीमेंट का नाम दिया गया है.
