ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि जब भी वक्री होते हैं तो उन लोगों शुभ फल प्राप्त होते हैं जिनकी जन्म कुंडली में शनि वक्री स्थिति में हों। हालांकि, कुंडली में वक्री होने के साथ ही शनि का कुंडली में शुभ होना भी आवश्यक होता है।

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अगर कुंडली में शनि स्वराशि, मित्र राशि या फिर उच्च राशि में विराजमान हों और वक्री हों तो जब भी शनि ग्रह वक्री होंगे शुभ परिणाम व्यक्ति को मिल सकते हैं। अगर आपकी कुंडली में भी शनि नीचे दी गई राशियों में से किसी में वक्री अवस्था में विराजमान हैं तो 27 जुलाई को शनि के वक्री होते ही आपको शुभ परिणाम मिल सकते हैं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

किन लोगों को मिलेंगे शुभ परिणाम

जिन लोगों की कुंडली में शनि उच्च राशि तुला में हों, स्वराशियों मकर और कुंभ में हों मित्र राशि वृषभ, मिथुन और कन्या में हों और वक्री हों तो ऐसे लोगों को 27 जुलाई को शनि के वक्री होने के बाद शुभ फल मिल सकते हैं। इन लोगों को करियर के क्षेत्र में ऊंचाइयां प्राप्त हो सकती हैं। इसके साथ ही बीते समय में की गई मेहनत का भी इन लोगों को बेहद शुभ परिणाम प्राप्त हो सकता है। पारिवारिक जीवन में सुधार इन लोगों को देखने को मिल सकते हैं और कारोबार की स्थिति भी पहले से बेहतर हो सकती है। सेहत और आर्थिक पक्ष के लिहाज से भी ऐसे लोगों को सुखद फल शनि के वक्री होने के बाद मिल सकते हैं।

जिन लोगों की कुंडली में शनि वक्री नहीं है उन्हें शनि के वक्री होने के बाद कड़ी मेहनत करनी चाहिए और किसी भी तरह का शॉर्टकट नहीं लेना चाहिए। वहीं कुछ राशियों के लिए शनि वक्री चुनौतीपूर्ण भी रह सकता है। शनि कर्म करने वाले लोगों को पसंद करते हैं इसलिए अगर आप शनि वक्री के दौरान कर्म करते हैं, आत्मसंयम रखते हैं और सभी का सम्मान करते हैं तो वक्री होने के बावजूद भी ऐसे लोगों को शुभ परिणाम मिल सकते हैं। इसके साथ ही शनि के वक्री के दौरान शनि से जुड़े उपायों को करने से भी शुभ फल मिल सकते हैं। आप सरसों के तेल का दान कर सकते हैं, जरूरतमंदों को अन्न का दान कर सकते हैं, काले तिल का दान कर सकते हैं। इसे साथ ही भगवान शिव की पूजा करने से भी शनि के शुभ फल आपको मिलते हैं।


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