नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी और हाथापाई का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो में महिला और पुरुष पत्रकारों को प्रदर्शनकारियों की भीड़ से घिरा हुआ, धक्का-मुक्की का सामना करते हुए और रिपोर्टिंग में बाधा झेलते हुए देखा जा सकता है। इन घटनाओं के बाद प्रेस की स्वतंत्रता, महिला पत्रकारों की सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों के दौरान मीडिया की भूमिका को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान कई मीडिया संस्थानों के पत्रकार घटनास्थल से लाइव रिपोर्टिंग कर रहे थे। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने महिला पत्रकारों को चारों ओर से घेर लिया। वायरल वीडियो में कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्रकारों के माइक छीनने की कोशिश, उनके पहचान पत्रों की जांच करने, मीडिया संस्थानों पर पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग के आरोप लगाने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने जैसी घटनाएं दिखाई दे रही हैं।
बताया जा रहा है कि TV7 भारत की महिला पत्रकार कंचन अरोड़ा के साथ धक्का-मुक्की हुई तथा उनके बाल खींचे जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। स्थिति तनावपूर्ण होने पर कुछ महिला पत्रकारों को अपनी सुरक्षा के लिए पास के बैंक और एटीएम परिसर में शरण लेनी पड़ी। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए जा रहे हैं।
महिला पत्रकारों के अलावा पुरुष पत्रकार भी कथित हिंसा का शिकार हुए। जानकारी के अनुसार Times Now के रिपोर्टर देव कोटक पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने हमला किया। इस दौरान उनकी शर्ट फट गई, चश्मा टूट गया और उनके साथ मारपीट होने के दावे किए गए हैं। कुछ अन्य वीडियो में कैमरा टीमों और रिपोर्टरों के साथ धक्का-मुक्की तथा लाठी-डंडों से हमला किए जाने जैसे दृश्य भी सामने आए हैं। हालांकि इन सभी वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी आधिकारिक रूप से नहीं हो सकी है।
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक, धांधली और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन में कई छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। इसी आंदोलन के दौरान पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें पुलिस की निगरानी में अस्पताल ले जाया गया।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। अनेक पत्रकार संगठनों, मीडिया से जुड़े लोगों और नागरिकों ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों को बिना भय और दबाव के रिपोर्टिंग करने का अधिकार है। विशेष रूप से महिला पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या हिंसा को अस्वीकार्य बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
वहीं, कई लोगों ने यह भी कहा कि यदि किसी मीडिया संस्थान की रिपोर्टिंग से असहमति है तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जा सकता है, लेकिन पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी, माइक छीनना या रिपोर्टिंग रोकना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला माना जाएगा।
फिलहाल पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। विभिन्न वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो लगातार बहस का विषय बने हुए हैं और देशभर में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग जोर पकड़ रही है।
जंतर-मंतर पर बवाल: NEET आंदोलन की कवरेज कर रहे पत्रकारों पर हमला, महिला रिपोर्टर्स से बदसलूकी के आरोप, प्रेस की स्वतंत्रता पर उठे सवाल
