शहीद उधम सिंह के बलिदान दिवस पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने अर्पित की श्रद्धांजलि, युवाओं से राष्ट्र निर्माण का किया आह्वान

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गदरपुर (ऊधम सिंह नगर)। अमर शहीद सरदार उधम सिंह के बलिदान दिवस के अवसर पर गदरपुर स्थित कंबोज धर्मशाला परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह देशभक्ति और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने शहीद उधम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, समाजसेवियों, युवाओं एवं क्षेत्रवासियों ने भी शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके अद्वितीय बलिदान को नमन किया।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


श्रद्धांजलि कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद उधम सिंह के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति के गीतों एवं भारत माता के जयघोष से वातावरण राष्ट्रप्रेम की भावना से गूंजता रहा। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति की ओर से पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का शॉल (अंगवस्त्र) ओढ़ाकर एवं शहीद उधम सिंह का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए राजेश शुक्ला ने आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मान व्यक्तिगत रूप से उनका नहीं, बल्कि उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान है जिन्होंने देश को स्वतंत्र कराने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे महान क्रांतिकारियों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनका जीवन आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
अपने संबोधन में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि शहीद उधम सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन अमर सेनानियों में शामिल हैं जिन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार में मारे गए हजारों निर्दोष भारतीयों के दर्द को अपने हृदय में संजोकर वर्षों तक न्याय की प्रतीक्षा की और अंततः ब्रिटिश शासन के अत्याचारी अधिकारी माइकल ओ’डायर को दंडित कर पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि भारतीय कभी भी अपने शहीदों के बलिदान को नहीं भूलते। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रतिशोध की घटना नहीं थी, बल्कि भारत के स्वाभिमान, सम्मान और आत्मगौरव की रक्षा का प्रतीक थी।
उन्होंने कहा कि शहीद उधम सिंह का जीवन अदम्य साहस, अटूट राष्ट्रभक्ति, दृढ़ संकल्प और मातृभूमि के प्रति पूर्ण समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देता है कि राष्ट्र सर्वोपरि है और देश की अस्मिता की रक्षा के लिए हर नागरिक को सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता अनगिनत वीर सपूतों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है, इसलिए स्वतंत्रता का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का प्रथम कर्तव्य है।
राजेश शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में देश की युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की समान भागीदारी से ही विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज जब भारत विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, तब हमें अपने महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों के अनुरूप एक सशक्त, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए कार्य करना चाहिए। देश की प्रगति तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे और समाज व राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
पूर्व विधायक ने कहा कि शहीद उधम सिंह का जीवन केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा का अमूल्य स्रोत है। उनके संघर्ष, साहस और राष्ट्रप्रेम से प्रत्येक भारतीय को सीख लेकर देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखना और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शहीद उधम सिंह ने अपने अद्वितीय साहस और त्याग से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की। उनका जीवन हमें अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध डटकर खड़े होने तथा सत्य एवं राष्ट्रहित के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। वक्ताओं ने कहा कि आजादी का अमृतकाल तभी सार्थक होगा जब देश का प्रत्येक नागरिक अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए राष्ट्र की उन्नति में योगदान देगा।
श्रद्धांजलि समारोह के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने शहीद उधम सिंह के आदर्शों पर चलने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, वरिष्ठ नागरिक, युवाओं सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे और सभी ने अमर शहीद उधम सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके अमर बलिदान को नमन किया।


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