रुद्रपुर, 31 जुलाई। अमर शहीद Udham Singh के शहादत दिवस पर श्रमिक संयुक्त मोर्चा ने सिडकुल स्थित माइक्रोमैक्स (भगवती) प्रोडक्ट कंपनी के मुख्य गेट पर चल रहे श्रमिकों के धरनास्थल पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। कार्यक्रम में शहीद उधम सिंह को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया गया। साथ ही वक्ताओं ने उनके जीवन, विचारों और देश की आजादी के लिए दिए गए योगदान को याद करते हुए वर्तमान श्रमिक आंदोलनों से जोड़कर अपनी बात रखी।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शहीद उधम सिंह ने जलियांवाला बाग नरसंहार के लिए जिम्मेदार ब्रिटिश अधिकारी माइकल ओ-डायर को इंग्लैंड जाकर गोली मारकर हजारों निर्दोष भारतीयों के बलिदान का प्रतिशोध लिया था। उन्होंने बताया कि मुकदमे के दौरान जब ब्रिटिश अदालत ने उनका नाम पूछा तो उन्होंने अपना नाम “राम मोहम्मद सिंह आजाद” बताया था। वक्ताओं ने कहा कि यह नाम भारत की धार्मिक एवं सामाजिक एकता का प्रतीक था और यह दर्शाता है कि उधम सिंह देश को धर्म और जाति के आधार पर बंटा हुआ नहीं, बल्कि एकजुट देखना चाहते थे। उनके अनुसार अंग्रेजों की “फूट डालो और राज करो” की नीति को विफल करने के लिए राष्ट्रीय एकता सबसे बड़ा हथियार थी।
सभा में वक्ताओं ने वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी समाज को धर्म और जाति के आधार पर विभाजित करने की कोशिशें की जा रही हैं, जबकि इसका सबसे अधिक नुकसान मेहनतकश वर्ग को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता दिए जाने से श्रमिकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि इसका ताजा उदाहरण माइक्रोमैक्स (भगवती) कंपनी के वे श्रमिक हैं, जो कथित अवैध ले-ऑफ के विरोध में पिछले एक महीने से कंपनी गेट पर धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिक लगातार गर्मी और बरसात जैसी कठिन परिस्थितियों में अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप कर विवाद का समाधान निकालने तथा श्रमिकों के हितों की रक्षा करने की मांग की।
सभा में यह भी कहा गया कि उधम सिंह का संबंध हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन और गदर पार्टी जैसे संगठनों से रहा। वक्ताओं के अनुसार उनके लिए आजादी का अर्थ केवल अंग्रेजी शासन से मुक्ति नहीं था, बल्कि हर प्रकार के शोषण, भेदभाव और अन्याय से मुक्ति भी था। उन्होंने कहा कि श्रमिकों, किसानों और आम मेहनतकश लोगों के अधिकारों की रक्षा करना ही उनके विचारों का वास्तविक सम्मान होगा।
वक्ताओं ने कहा कि आज शहीद उधम सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब समाज में अन्याय, शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाए तथा श्रमिकों को उनका सम्मान और अधिकार दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि मजदूरों की एकता और संगठन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
सभा में सर्वसम्मति से मांग की गई कि माइक्रोमैक्स (भगवती) कंपनी के श्रमिकों की मांगों को तत्काल स्वीकार किया जाए तथा कथित अवैध ले-ऑफ समाप्त कर सभी श्रमिकों को सम्मानपूर्वक कार्य पर वापस लिया जाए।
कार्यक्रम का संचालन श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने किया। सभा को इंटरार्क मजदूर संगठन के नेता सौरभ, भाकपा (माले) जिला सचिव ललित मटियाली, भगवती एम्पलाइज यूनियन के नंदन सिंह, इंकलाबी मजदूर केंद्र के कैलाश भट्ट एवं दिनेश भट्ट, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के शिवदेव सिंह, एक्टू की अनीता अन्ना, बजाज मोटर्स के हरीश राठौर, एडविक कर्मचारी संगठन के राजू सिंह, ऐरा श्रमिक संगठन के उपेंद्र राय, सीएसटीयू के महेंद्र सिंह, राने मद्रास एम्पलाइज यूनियन के कमल सिंह तथा करोलिया लाइटिंग यूनियन के हरेंद्र सिंह सहित अनेक श्रमिक नेताओं ने संबोधित किया।
इस अवसर पर नीरजेश यादव, आनंद कुमार गुप्ता, विकल कुमार, धीरज जोशी, कमलेश सिंह, जगदीश सिंह, ठाकुर सिंह, हेम जोशी, लोकेश पाठक, शिव नारायण, सुरेंद्र प्रसाद, राकेश कुमार, बिमलेश पांडे सहित बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे। सभा के अंत में सभी ने शहीद उधम सिंह के बताए मार्ग पर चलने और श्रमिक अधिकारों की लड़ाई को लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
