शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर गदरपुर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलिकम्बोज धर्मशाला में अखंड पाठ में हुए शामिल, गुरुद्वारे में मत्था टेक प्रदेश की खुशहाली की कामना की; कहा— ऊधम सिंह का जीवन राष्ट्रभक्ति, साहस और बलिदान की अमर प्रेरणा

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गदरपुर, 31 जुलाई। अमर शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को गदरपुर स्थित कम्बोज धर्मशाला पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पुष्पवर्षा और सरोपा भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ में भी भाग लिया तथा गुरुद्वारे में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, सिख समाज के लोग तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति, धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज गदरपुर आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता और आत्मिक संतोष की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें एक साथ दो सौभाग्य प्राप्त हुए हैं। पहला, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ में सम्मिलित होकर पवित्र गुरबाणी का श्रवण करने और गुरु साहिब के चरणों में मत्था टेकने का अवसर मिला तथा दूसरा, भारत माता के अमर सपूत शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर वीरता और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम है। एक ओर जहां गुरु साहिब की वाणी मानवता, सेवा और भाईचारे का संदेश देती है, वहीं दूसरी ओर शहीद ऊधम सिंह का जीवन अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों का स्मरण प्रत्येक भारतीय को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1919 का जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास का सबसे दर्दनाक और काला अध्याय था। उस निर्मम नरसंहार ने पूरे देश को झकझोर दिया था। हजारों निर्दोष भारतीयों पर की गई गोलाबारी ने देशवासियों के मन में अंग्रेजी शासन के प्रति गहरा आक्रोश पैदा किया। उसी घटना की पीड़ा को शहीद ऊधम सिंह ने अपने हृदय में 21 वर्षों तक संजोए रखा और न्याय के लिए संघर्ष का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंततः शहीद ऊधम सिंह सात समंदर पार इंग्लैंड पहुंचे और जलियांवाला बाग नरसंहार के दोषी माइकल ओ’डायर को दंडित कर दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत का स्वाभिमान कभी झुक नहीं सकता। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर यह सिद्ध कर दिया कि राष्ट्र की अस्मिता और सम्मान के लिए भारतीय किसी भी बलिदान से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि अमर शहीद ऊधम सिंह का जीवन साहस, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की अमर गाथा है। उनका त्याग आज भी युवाओं को देश के प्रति समर्पित रहने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा देता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए उनका जीवन आदर्श है, जिससे देशभक्ति की भावना निरंतर सुदृढ़ होती रहेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु साहिब की वाणी मानवता, करुणा, सत्य, सेवा, भाईचारे और समानता का संदेश देती है। इन शिक्षाओं ने समाज को सदैव सही दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ सेवा और मानव कल्याण का जो संदेश सिख गुरुओं ने दिया है, वह सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के विकास में सिख समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। कृषि, व्यापार, उद्योग, शिक्षा, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रत्येक क्षेत्र में सिख समाज ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। राज्य सरकार भी सभी वर्गों को साथ लेकर उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे शहीद ऊधम सिंह के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता अनगिनत बलिदानों की बदौलत मिली है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया। उन्हें सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया तथा पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया गया। कम्बोज धर्मशाला परिसर में श्रद्धालुओं और नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी रही। धार्मिक वातावरण के बीच आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धा, सम्मान और देशभक्ति का विशेष उत्साह दिखाई दिया।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविंद पाण्डेय, विधायक शिव अरोड़ा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, रुद्रपुर मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, मंजीत सिंह, सुरेंद्र नामधारी, फरजाना बेगम, रणजीत सिंह नामधारी, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, भाजपा प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा, नगर पालिका परिषद गदरपुर के अध्यक्ष मनोज गुम्बर, नगर पंचायत गुलरभोज के अध्यक्ष सतीश चुघ, नगर पंचायत दिनेशपुर की अध्यक्ष मंजीत कौर, सुखदेव सिंह नामधारी, राजेश कुमार, किशन सिंह कंबोज, टेक चंद कंबोज, सुरेश कंबोज, राजेंद्र कंबोज सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता के संदेश के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने अमर शहीद ऊधम सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने तथा राष्ट्र सेवा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री धामी ने भी कहा कि शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर ही विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है तथा उत्तराखंड सरकार इसी संकल्प के साथ राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


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