रुद्रपुर, 31 जुलाई। 19 वर्षीय युवती के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए महिला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के केंद्रीय महामंत्री सुशील उनियाल ने जारी वीडियो संदेश में पुलिस द्वारा आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी की सराहना करते हुए कहा कि न्याय तभी पूर्ण माना जाएगा, जब घटना से पहले पीड़िता के संपर्क में रहे प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की भी निष्पक्ष, गहन और साक्ष्य-आधारित जांच की जाए।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
गैंगरेप प्रकरण पर यूकेडी का बड़ा सवाल: सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो – सुशील उनियाल
महिला सुरक्षा पर यूकेडी की चिंता: गैंगरेप मामले में हर किरदार की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग
गैंगरेप मामले में यूकेडी ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग, बोले सुशील उनियाल– सच्चाई का हर पहलू आए सामने
महिला सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न, गैंगरेप कांड में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग
केवल आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं: गैंगरेप मामले में यूकेडी ने मांगी व्यापक और निष्पक्ष जांच
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने अपराध में सहयोग किया, अपराधियों की सहायता की, जानकारी छिपाई या पीड़िता को असुरक्षित स्थिति में छोड़ने जैसी भूमिका निभाई है, तो उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। न्याय केवल मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी का सत्य सामने आना आवश्यक है।
सुशील उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड, विशेषकर रुद्रपुर, हल्द्वानी, देहरादून और हरिद्वार जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में महिलाओं के विरुद्ध अपराध चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में दुष्कर्म, छेड़छाड़, अपहरण और महिला उत्पीड़न के अनेक मामले सामने आए हैं। हल्द्वानी में भी हाल के वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की कई चर्चित घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अपराध की रोकथाम के लिए केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रभावी कानून-व्यवस्था, संवेदनशील पुलिसिंग और महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक वातावरण सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में प्रत्येक वर्ष महिलाओं के विरुद्ध सैकड़ों मामले दर्ज होते हैं, जिनमें दुष्कर्म, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा और अपहरण जैसी घटनाएं शामिल हैं। यूकेडी का कहना है कि इन मामलों में त्वरित न्याय और दोषियों को कठोर दंड ही महिलाओं का विश्वास बहाल कर सकता है।
सुशील उनियाल ने कहा कि पीड़िता को न्याय, समाज को विश्वास और अपराधियों को कठोर दंड तभी मिलेगा, जब जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी दबाव के संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि “सत्य सामने आए, दोषी चाहे कोई भी हो, कानून सबके लिए समान होना चाहिए।”
उन्होंने राज्य सरकार से महिला सुरक्षा के लिए रात्रि गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक परिवेश सुनिश्चित करने की मांग की।
