देहरादून/रुद्रपुर/खटीमा/गोपेश्वर। उत्तराखंड में मंगलवार का दिन कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के साथ सामने आया। एक ओर व्यक्तिगत हवाई परिवहन की दिशा में प्रदेश से नई तकनीकी पहल सामने आई, तो दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से करीब 22 हजार उपनल कर्मियों के लिए समान पद-समान वेतन की उम्मीद मजबूत हुई। खटीमा के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर विद्यार्थियों के विरोध के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानाचार्य को हटाने के निर्देश दिए। सरकार ने राजस्व चोरी रोकने के लिए एआई आधारित जांच तंत्र विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी बीच हिमालय में 24,440 ग्लेशियर झीलों की मौजूदगी और उनमें 221 झीलों के बेहद संवेदनशील होने का अध्ययन सामने आया है। दून की बेटी स्क्वाड्रन लीडर वैशाली भंडारी ने 25,500 नॉटिकल मील की समुद्री परिक्रमा पूरी कर इतिहास रचा है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि चमोली में अतिवृष्टि के चलते नीती घाटी को जोड़ने वाला बेली ब्रिज बह गया।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
हपिडा स्काइनैक्स ने भरी उड़ान, पर्सनल एयर-मोबिलिटी की दिशा में नई पहल
उत्तराखंड में व्यक्तिगत हवाई परिवहन की तकनीक को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रयोग सामने आया है। बीते शुक्रवार को ‘हपिडा स्काइनैक्स’ नामक एकल-सीट प्रोटोटाइप ने आर्मी हेलिपैड से परीक्षण उड़ान भरी। इस उड़ान को देखने के लिए स्थानीय लोग और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रोटोटाइप को हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक रवि टाम्टा ने उड़ाया। वह करीब एक मिनट तक हवा में रहे। जिलाधिकारी अंशुल सिंह और एसएसपी चंद्रशेखर आर घोड़के समेत अन्य अधिकारियों ने परीक्षण को देखा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए थे।
रवि टाम्टा के अनुसार कंपनी का लक्ष्य भारत को पर्सनल एयर-मोबिलिटी तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। आने वाले समय में इस प्रोटोटाइप के और परीक्षण किए जाएंगे। सुरक्षा, क्षमता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी स्तर पर लगातार काम किया जाएगा।
22 हजार उपनल कर्मियों के लिए समान वेतन की उम्मीद मजबूत
उपनल कर्मचारी महासंघ समेत अन्य कार्मिकों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तराखंड हाई कोर्ट, नैनीताल के वर्ष 2018 के ‘कुंदन सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य एवं अन्य’ मामले में दिए गए निर्णय को बरकरार रखा है।
इस फैसले के बाद प्रदेश के करीब 22 हजार उपनल कर्मियों के लिए समान पद पर समान वेतन का रास्ता खुलने की उम्मीद मजबूत हुई है। लंबे समय से उपनल कर्मी नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और समान कार्य के लिए समान वेतन जैसी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कर्मचारी संगठनों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
खटीमा के एकलव्य विद्यालय में विद्यार्थियों का आक्रोश, प्रधानाचार्य हटाई गईं
खटीमा के एकलव्य माडर्न आवासीय विद्यालय में खराब गुणवत्ता का भोजन, दूषित पेयजल, शौचालयों की सफाई और अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर विद्यार्थियों तथा अभिभावकों में नाराजगी सामने आई। विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में धरना दिया।
मामला स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचा। मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्य भारती यादव को हटाने के निर्देश दिए। व्यवस्था में सुधार का आश्वासन मिलने के बाद विद्यार्थियों ने अपना विरोध समाप्त किया और मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे लगाए।
यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली भोजन, पेयजल, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की निगरानी को लेकर प्रशासन को अधिक प्रभावी व्यवस्था बनानी होगी।
एआई से पकड़ी जाएगी टैक्स चोरी, विभागों का डाटा होगा एकीकृत
राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने और कर चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए तकनीक का सहारा लेने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य कर विभाग को एआई आधारित जांच तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अगले चार-पांच माह में मैकेनिज्म तैयार करने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने कर से जुड़े विभिन्न विभागों का डाटा एकीकृत करने पर जोर दिया। खनन, परिवहन, वन और राज्य कर विभाग की निगरानी प्रणालियों को आपस में जोड़ने की योजना है।
परिवहन विभाग के एएनपीआर कैमरों का प्रभावी उपयोग करते हुए उन्हें खनन, वन और राज्य कर विभाग की व्यवस्था से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इससे खनिज और अन्य वाहनों की आवाजाही पर नजर रखने तथा कर चोरी रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में निबंधन एवं रजिस्ट्रेशन से संबंधित अभिलेखों के रखरखाव का डिजिटलीकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। वन क्षेत्रों और गैर-वन क्षेत्रों में नए खनन लाट चिह्नित करने तथा जिला प्रशासन के सहयोग से राजस्व बढ़ाने के उपाय करने को कहा गया है।
हिमालय में 24,440 ग्लेशियर झीलें, 221 बेहद संवेदनशील
हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियरों के पीछे हटने के साथ ग्लेशियर झीलों की संख्या और क्षेत्रफल में बदलाव वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों के अध्ययन में हिमालय क्षेत्र में 24,440 ग्लेशियर झीलों की पहचान की गई है। इनमें 221 झीलों को बेहद खतरनाक स्थिति में पाया गया है।
अध्ययन अंतरराष्ट्रीय जर्नल ‘जियोमैटिक्स, नेचुरल हैजर्ड्स एंड रिस्क’ में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में पांच बड़े हिमनदीय झील अध्ययनों के आंकड़ों को एक साथ रखा गया।
इनमें लगभग 12,100 सुप्राग्लेशियल झीलें हैं, जो ग्लेशियर की सतह पर बनती हैं। 10,101 झीलों का क्षेत्रफल 0.01 वर्ग किलोमीटर से अधिक पाया गया। अधिकांश झीलें 4,500 से 5,500 मीटर की ऊंचाई के बीच स्थित हैं।
शोध के अनुसार झीलों की संख्या और कुल क्षेत्रफल समय के साथ बढ़ रहे हैं। कोसी, यारलुंग जांगबो, मानस, कर्णाली, ऊपरी सिंधु और तीस्ता बेसिनों में झीलों के क्षेत्रफल में बदलाव की दर अधिक पाई गई है। विशेषज्ञों ने इन क्षेत्रों को भविष्य में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी जीएलओएफ की दृष्टि से संवेदनशील माना है। ऐसी घटनाओं का असर पुलों, बिजली परियोजनाओं, सड़कों और नदी घाटी क्षेत्रों पर पड़ सकता है।
दून की बेटी वैशाली भंडारी ने रचा समुद्री इतिहास
उत्तराखंड की बेटी स्क्वाड्रन लीडर वैशाली भंडारी ने देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वह तीनों सेनाओं की नौ महिला अधिकारियों के ऐतिहासिक दल का हिस्सा रहीं, जिसने पहली बार संयुक्त रूप से समुद्र की वैश्विक परिक्रमा पूरी की।
स्वदेशी नौका आईएनएसवी त्रिवेणी पर इस अभियान के दौरान दल ने 10 महीने में करीब 25,500 नॉटिकल मील की दूरी तय की। हिंद महासागर, प्रशांत महासागर और दक्षिण अटलांटिक की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अभियान को पूरा किया गया।
दल ने आस्ट्रेलिया के फ्रेमैंटल, न्यूजीलैंड के लिटलटन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स और दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में पड़ाव किए। यात्रा के दौरान भूमध्य रेखा को दो बार पार किया गया तथा केप लीविन और केप हार्न जैसे चुनौतीपूर्ण समुद्री क्षेत्रों को पार किया गया।
तेज हवाओं, ऊंची लहरों, बदलते मौसम और लंबे समय तक समुद्र में रहने जैसी चुनौतियों के बीच अभियान पूरा करना महिला अधिकारियों के साहस, अनुशासन और टीमवर्क का उदाहरण माना जा रहा है।
उत्तराखंड में बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 11 अगस्त को उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
कई पर्वतीय क्षेत्रों और हरिद्वार में गरज-चमक के साथ तेज से बहुत तेज बारिश तथा आकाशीय बिजली की आशंका है। ऊधम सिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध और अचानक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता है।
कांवड़ यात्रा के बीच कई क्षेत्रों में स्कूल बंद
सावन शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा के चलते उत्तराखंड तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में स्कूलों की छुट्टी का निर्णय लिया गया है। हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर स्कूल और कॉलेज 11 अगस्त तक बंद रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
बागेश्वर में भी भारी बारिश की चेतावनी के चलते कक्षा 12 तक के विद्यालयों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया। कुछ स्थानों पर भौतिक कक्षाओं को स्थगित कर ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखने की व्यवस्था की गई है।
भर्ती परीक्षा के सवालों पर हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने लेखपाल, पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित रूप से दो सही विकल्प वाले सवालों के मामले में सरकार से जवाब तलब किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि परीक्षा में कुछ प्रश्नों के दो विकल्प सही थे और अभ्यर्थियों की आपत्तियों को आयोग ने स्वीकार नहीं किया।
मामले में न्यायालय के रुख के बाद भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों की नजर अब सरकार और संबंधित आयोग के अगले कदम पर है।
तमक नाले की बाढ़ में नीती घाटी का बेली ब्रिज बहा
चमोली जिले में मानसूनी बारिश और अतिवृष्टि ने एक बार फिर प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी। सोमवार को जोशीमठ के पास तमक नाले में अचानक आई भीषण बाढ़ और मलबे के कारण नीती घाटी को जोड़ने वाला बेली ब्रिज बह गया।
अचानक बढ़े जलप्रवाह और मलबे के दबाव के सामने पुल टिक नहीं सका। पुल के बहने से सीमांत क्षेत्र की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। घटना ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में मानसून के दौरान संवेदनशील पुलों और सड़क मार्गों की सुरक्षा तथा वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
एक साथ उभरतीं तकनीक, रोजगार, पर्यावरण और आपदा की चुनौतियां
उत्तराखंड की इन घटनाओं को एक साथ देखें तो राज्य के सामने विकास के कई आयाम दिखाई देते हैं। हपिडा स्काइनैक्स की परीक्षण उड़ान तकनीकी नवाचार की संभावना दिखाती है, जबकि उपनल कर्मियों से जुड़ा सुप्रीम कोर्ट का फैसला रोजगार और समान वेतन के मुद्दे को केंद्र में लाता है। खटीमा का विद्यालय प्रकरण शिक्षा संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं की निगरानी की जरूरत सामने रखता है।
एआई आधारित कर निगरानी सरकार की डिजिटल क्षमता को राजस्व व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कदम है। दूसरी ओर हिमालयी ग्लेशियर झीलों का बढ़ता खतरा और चमोली में बेली ब्रिज का बहना यह याद दिलाता है कि उत्तराखंड में विकास की हर योजना को बदलती जलवायु और आपदा जोखिम के साथ जोड़कर देखना होगा।
इन घटनाओं के बीच दून की बेटी वैशाली भंडारी की समुद्री उपलब्धि राज्य के लिए गौरव का विषय है। वहीं बारिश और कांवड़ यात्रा के बीच प्रशासन के सामने जनसुरक्षा, यातायात और शिक्षा व्यवस्था को संतुलित रखने की चुनौती बनी हुई है।
