उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: पहाड़ से मैदान तक बारिश का कहररेड अलर्ट के बीच कल्याणी नदी का जलस्तर बढ़ा, रुद्रपुर के लोगों को सतर्क रहने की सलाह; आदि कैलास और पूर्णागिरि यात्रा रोकी गईरुद्रपुर/

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रुद्रपुर/देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की विदाई से पहले मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। राज्य के कई हिस्सों में शुक्रवार रात से लगातार बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 26 और 27 सितंबर को उत्तराखंड में अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है, जबकि 28 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही गरज-चमक, आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
मौसम के इस बदले मिजाज ने पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक चिंता बढ़ा दी है। बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट की स्थिति बनी हुई है, जबकि देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में भी बारिश को लेकर चेतावनी जारी है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


लाइव कल्याणी नदी!रुद्रपुर में कल्याणी नदी पर नजर

“कल्याणी का बढ़ता जलस्तर, खतरे की दस्तक—सावधान रुद्रपुर!”
“नदी के करीब न जाएं, सुरक्षा को पहले स्थान पर लाएं।”
“कल्याणी बढ़ी तो खतरा बढ़ेगा—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”
“अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण—कल्याणी नदी पर रखें नजर, परिवार को रखें सुरक्षित।”
“बारिश जारी रही तो बढ़ सकता है पानी—कल्याणी किनारे रहने वाले पहले से रहें तैयार।”


रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में रात से बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश के बीच कल्याणी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी जरूरी है कि वे कल्याणी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखें। नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचें। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और नदी किनारे रहने वाले परिवार बारिश के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें।
यदि बारिश का दौर लंबा चलता है और पहाड़ी क्षेत्रों से पानी का प्रवाह बढ़ता है तो मैदानी क्षेत्रों की नदियों और नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए नदी के किनारे खड़े होकर पानी का वीडियो बनाने या स्थिति देखने के लिए भीड़ लगाने से बचना जरूरी है।
नैनीताल में रात से आफत की बारिश
नैनीताल में शुक्रवार रात से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। नाले उफान पर हैं और कई स्थानों पर सड़कों पर पानी जमा हो गया है।
नैनी झील का जलस्तर भी बढ़ा है। सिंचाई विभाग के झील नियंत्रण कक्ष के अवर अभियंता नीरज तिवारी के अनुसार झील से पानी की निकासी शुरू कर दी गई है और दोनों गेट से लगभग 18 इंच पानी छोड़ा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां लगभग 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण बाजारों में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा आवाजाही कम रही। दिहाड़ी मजदूरों और रोजमर्रा के कामकाज पर भी इसका असर पड़ा है। पर्यटकों ने भी मौसम को देखते हुए अपने लौटने का रुख किया है।
घाट बैंड पर लगातार पत्थर गिरने से टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग प्रभावित
पिथौरागढ़ जिले में बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर घाट बैंड क्षेत्र में शुक्रवार शाम से यातायात प्रभावित होने की सूचना है। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग पर खतरा बना हुआ है।
पिथौरागढ़ क्षेत्र में बारिश और सड़क बाधित होने से जिला मुख्यालय का दूसरे क्षेत्रों से संपर्क प्रभावित होने की स्थिति पैदा हुई है। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रियों को सड़क खुलने की आधिकारिक सूचना मिलने से पहले जोखिम लेकर आगे नहीं बढ़ना चाहिए।
आदि कैलास यात्रा स्थगित
मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए आदि कैलास यात्रा भी शनिवार को रोक दी गई है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्गों की स्थिति सामान्य होने तक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
पर्वतीय यात्रा के दौरान बारिश के बीच सड़क पर भूस्खलन, बोल्डर गिरने और अचानक नालों में पानी बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए यात्रियों से स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मां पूर्णागिरि धाम की यात्रा भी स्थगित
चंपावत में लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मां पूर्णागिरि धाम की यात्रा एवं दर्शन अग्रिम सूचना तक स्थगित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
श्रद्धालुओं के लिए यह संदेश महत्वपूर्ण है कि मौसम सामान्य होने और प्रशासन की ओर से यात्रा बहाल किए जाने की सूचना के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं।
अल्मोड़ा में स्कूलों में अवकाश
मौसम चेतावनी के मद्देनजर अल्मोड़ा जिला प्रशासन ने पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। शुक्रवार रात से जिले में रुक-रुककर बारिश हो रही है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
पिथौरागढ़ समेत कुछ अन्य जिलों में भी बारिश की चेतावनी के चलते शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के प्रशासनिक निर्णय सामने आए हैं।
27 सितंबर को भी भारी बारिश का खतरा
मौसम विभाग के 26 सितंबर के बुलेटिन के अनुसार उत्तराखंड में 27 सितंबर को भी अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। 28 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। इसके बाद 29 सितंबर से फिलहाल कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है, हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव संभव है।
इसका सीधा असर पर्वतीय सड़कों, नदी-नालों और मैदानी क्षेत्रों के जलभराव पर पड़ सकता है। लगातार बारिश होने पर भूस्खलन, सड़क बंद होने, अचानक नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश में भी मौसम सक्रिय है। IMD के अनुसार 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है। 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
इससे उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों, विशेषकर तराई क्षेत्र में भी लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। रुद्रपुर सहित ऊधमसिंह नगर के निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान जलभराव और स्थानीय नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखना जरूरी होगा।
दिल्ली-एनसीआर और हिमाचल में भी मौसम सक्रिय
मौसम का असर उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली-एनसीआर में बादल और बारिश की संभावना के साथ कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश तथा आंधी-तूफान की चेतावनी है।
मौसम विभाग के अनुसार इस पूरे सिस्टम का प्रभाव उत्तर भारत के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। ऐसे में आने वाले 24 से 48 घंटे यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
रुद्रपुर में लोगों के लिए जरूरी सावधानी
कल्याणी नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच रुद्रपुर के लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
नदी और नालों के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं।
बच्चों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाने दें।
तेज बारिश के दौरान वाहन लेकर जलभराव वाली सड़कों पर जाने से बचें।
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।
नदी का पानी सड़क के ऊपर बह रहा हो तो उसे पार करने का प्रयास न करें।
पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लें।
सोशल मीडिया पर चल रहे अपुष्ट संदेशों के बजाय प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन तंत्र को सूचना दें।
पहाड़ से आने वाला पानी बढ़ा सकता है चुनौती
तराई का भूगोल ऐसा है कि लगातार पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने पर उसका असर मैदानी इलाकों की नदियों और नालों में दिखाई दे सकता है। इसलिए केवल रुद्रपुर शहर में हो रही बारिश ही चिंता का विषय नहीं है, बल्कि आसपास और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में होने वाली बारिश पर भी नजर रखना जरूरी है।
कल्याणी नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि नदी को सामान्य स्थिति में देखकर लापरवाही न करें। बारिश का दौर तेज होने पर जलस्तर तेजी से बदल सकता है।
मौसम की मार के बीच प्रशासन की चुनौती
उत्तराखंड में मानसून की विदाई से पहले हुई इस बारिश ने एक बार फिर पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों की संवेदनशीलता सामने ला दी है। एक ओर जहां पहाड़ों में भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा है, वहीं तराई में नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर निगरानी जरूरी है।
रुद्रपुर में कल्याणी नदी, आसपास के नालों और निचले क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो संभावित जलभराव वाले इलाकों में पहले से तैयारी और लोगों तक समय पर चेतावनी पहुंचाना जरूरी है।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की अपील: मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को उत्तराखंड के लिए गंभीर बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में रुद्रपुर और ऊधमसिंह नगर के लोग विशेष रूप से कल्याणी नदी तथा आसपास के नालों के जलस्तर पर नजर रखें, नदी किनारे जाने से बचें और प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें। मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा टालना ही सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
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