नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026। देश ने शनिवार को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार अपने संबोधन के दौरान देश के विकास, युवाओं के भविष्य, तकनीकी क्रांति, लोकतंत्र, संविधान, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ देश को एक नई दिशा देने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच से सात वर्षों में भारत वह उपलब्धियां हासिल करेगा, जो पिछले पांच से सात दशकों में भी संभव नहीं हो सकीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज देश के सामने शक्ति की सप्तधारा का आवाहन करता हूं। आने वाले 5-7 साल में जो पिछले 5-7 दशक में नहीं हुआ, वह सप्तधारा की शक्ति से देश को नई ऊंचाई और नई गति देगा।”
21 तोपों की सलामी के बीच फहराया गया तिरंगा
स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। तिरंगा फहराने के बाद 1721 फील्ड बैटरी द्वारा स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई। इस दौरान पूरा लाल किला देशभक्ति के रंग में रंगा दिखाई दिया।
समारोह में तीनों सेनाओं के अधिकारी, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
पहली बार लाल किले पर हुआ ‘वंदे मातरम्’ का औपचारिक गायन
80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार लाल किले के कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का औपचारिक गायन किया गया।
इस ऐतिहासिक अवसर ने समारोह को और भी अधिक भावनात्मक और गौरवपूर्ण बना दिया। देशभर में इस पहल की व्यापक चर्चा हुई और इसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत के सम्मान से जोड़कर देखा गया।
लोकतंत्र, संविधान और स्थिर सरकार की ताकत पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत के पास एक स्थिर राजनीतिक जनादेश, मजबूत सरकार, जीवंत लोकतंत्र, सशक्त न्याय व्यवस्था और सभी को दिशा देने वाला संविधान है।
उन्होंने कहा, “भारत के पास स्थिर पॉलिटिकल मैंडेट, स्थिर सरकार, वाइब्रेंट लोकतंत्र, मजबूत न्याय तंत्र और हम सबको दिशा देने वाला संविधान है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पांच शक्तियों के कारण भारत विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
सरकार की उपलब्धियों का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश ने कई चुनौतियों का सामना किया, फिर भी विकास की गति लगातार बढ़ती रही।
उन्होंने बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक, रक्षा उत्पादन, स्टार्टअप, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने महामारी जैसी वैश्विक चुनौती का भी मजबूती के साथ सामना किया और संकट को अवसर में बदलने का काम किया।
अफवाह फैलाने वालों पर प्रधानमंत्री का बड़ा हमला
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान विपक्ष और अफवाह फैलाने वाले समूहों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने देश में भय और भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, “अफवाहें फैलाते थे कि देश में वैक्सीन नहीं मिलेगी, पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा और खाद नहीं मिलेगी।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हर चुनौती का सामना किया और लोगों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने का काम किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी देश की व्यवस्था मजबूत बनी रही।
एक करोड़ युवाओं को मिलेगी AI स्किल ट्रेनिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले एक वर्ष में देश के एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग दी जाएगी।
उन्होंने कहा, “आने वाले एक साल में हम एक करोड़ युवाओं को AI स्किल ट्रेनिंग देने का काम करेंगे, ताकि हमारे देश के युवाओं में AI के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता हो।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता भविष्य की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति बनने जा रही है। ऐसे समय में भारत के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना बेहद आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल रोजगार, स्टार्टअप, डिजिटल सेवाओं और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर सकती है।
नक्सलवाद पर सरकार का सख्त संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नक्सलवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने देश की धरती को लहूलुहान किया है और हजारों परिवारों को प्रभावित किया है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश हिंसा के रास्ते पर चलने वालों को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार विकास और सुरक्षा दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष अनुसंधान, डिजिटल भुगतान, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने युवाओं, किसानों, महिलाओं और उद्यमियों को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें भागीदारी निभाएगा।
विकसित भारत के लिए दिया नया संकल्प
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से एकजुट होकर विकसित भारत के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के सामने एक नई शक्ति के रूप में उभर रहा है और आने वाला समय भारत का होगा।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री का संबोधन केवल सरकारी उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें भविष्य की विकास यात्रा, युवाओं की भूमिका, तकनीकी परिवर्तन, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता का स्पष्ट संदेश दिखाई दिया।
‘सप्तधारा’ का मंत्र, AI प्रशिक्षण का बड़ा लक्ष्य, लोकतंत्र पर विश्वास और नक्सलवाद के खिलाफ सख्त रुख प्रधानमंत्री के इस भाषण के प्रमुख बिंदु रहे। अब देश की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले वर्षों में इन घोषणाओं को किस तरह धरातल पर उतारा जाता है।
