रुद्रपुर। भूरारानी स्थित हंस विहार में पर्वतीय समाज समिति एवं श्रीरामलीला आयोजक समिति की ओर से आयोजित पर्वतीय शैली की पहली रामलीला के तीसरे दिन उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष एवं हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स के पत्रकार अवतार सिंह बिष्ट अपनी पत्नी मोहिनी बिष्ट के साथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों, हनुमान जी की भक्ति और पर्वतीय समाज की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के महत्व पर अपने विचार रखे।
अवतार सिंह बिष्ट ने कहा कि रुद्रपुर में पर्वतीय शैली में रामलीला का आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। अपनी कर्मभूमि में अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखना आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा और तकनीक के साथ बच्चों को भगवान श्रीराम की मर्यादा, माता सीता के धैर्य, लक्ष्मण के समर्पण, भरत के त्याग और हनुमान जी की निष्ठा से भी परिचित कराना आवश्यक है। शिक्षा मनुष्य को योग्य बनाती है, जबकि संस्कार उसे अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा देते हैं।
हनुमान जी के समर्पण से मिलती है प्रेरणा
रामलीला के तीसरे दिन सूर्पनखा प्रसंग से लेकर लंका दहन तक की कथा के मंचन के संदर्भ में बिष्ट ने कहा कि हनुमान जी का चरित्र हमें सिखाता है कि सच्ची शक्ति केवल सामर्थ्य में नहीं, बल्कि संकल्प, विवेक, सेवा और समर्पण में निहित होती है। उन्होंने कहा कि समाज को भी ऐसे लोगों की आवश्यकता है, जो निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर जनहित, सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों के लिए कार्य करें।
उन्होंने रामलीला में अभिनय कर रहे स्थानीय महिला एवं पुरुष कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि रामकथा के पात्रों को मंच पर जीवंत करना केवल अभिनय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी है। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी पी.सी. शर्मा का विशेष उल्लेख किया, जो रामलीला में रावण की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रावण का चरित्र संदेश देता है कि ज्ञान, शक्ति और वैभव के बावजूद अहंकार तथा अधर्म का मार्ग विनाश की ओर ले जाता है।
हर वर्ष रामलीला आयोजित करने की अपील
अवतार सिंह बिष्ट ने पर्वतीय समाज समिति के संरक्षक कल्याण सिंह परिहार, अध्यक्ष गिरीश चन्द्र जोशी, उपाध्यक्ष इंदर सिंह रौतेला, महामंत्री हीरा बल्लभ पाण्डेय, कोषाध्यक्ष संजय अधिकारी, प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी संभाल रहे मनोज पालीवाल, रामलीला निर्देशक कल्याण जी तथा श्रीरामलीला आयोजक समिति के अध्यक्ष रमेश चन्द्र ओली सहित सभी पदाधिकारियों और सहयोगियों को आयोजन के लिए बधाई दी।
उन्होंने अपील की कि इस पहल को केवल पांच दिवसीय आयोजन तक सीमित न रखकर हर वर्ष की परंपरा बनाया जाए। बच्चों और युवाओं को रामलीला से जोड़ा जाए तथा स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि पर्वतीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण हो सके।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से उन्होंने प्रेम, सेवा, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कामना की कि भगवान श्रीराम के आदर्श प्रत्येक परिवार में प्रेम, समाज में सद्भाव और जीवन में सत्य का प्रकाश फैलाएं।
इस अवसर पर पर्वतीय समाज समिति एवं श्रीरामलीला आयोजक समिति के पदाधिकारी, मातृशक्ति, बुजुर्ग, युवा और क्षेत्र के श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय रहा और जय श्रीराम तथा जय बजरंगबली के जयकारों से परिसर गूंज उठा।
अवतार सिंह बिष्ट
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर
अध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद
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मुख्य अतिथि के संबोधन को उभारें
रुद्रपुर में पर्वतीय समाज की पहली रामलीला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए अवतार सिंह बिष्ट और मोहिनी बिष्टहंस विहार में रामलीला के तीसरे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की उपस्थिति, संस्कृति, संस्कार और सामाजिक एकता का दिया संदेश
