देहरादून; लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं के मतदान से मिलने वाला आशीर्वाद सियासी दलों का भाग्य बदल देता है। भाजपा और कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की धमक के बीच उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर चुनावी प्रचार का अंतिम चरण शुरू हो गया है। अब चुनावी समर में प्रचार अभियान के लिए सिर्फ दो दिन शेष हैं। चुनावी घोषणा पत्र जारी होने के बाद अब कांग्रेस और भाजपा अपने अपने दलों के के घोषणा पत्रों के साथ कार्यकर्ता अब जनता के बीच पहुंच रहे है। भाजपा कार्यकर्ता जहां संकल्प पत्र में मोदी की गारंटियों को लेकर बेहद उत्साहित है तो वहीं कांग्रेस ने भी न्याय की गारंटियों को लेकर चुनावी माहौल को गरम कर दिया है। बहरहाल अब चुनावी समर में प्रचार अभियान के लिए सिर्फ दो दिन शेष हैं। आगामी 19 अप्रैल को प्रदेश में पहले चरण में पांच सीटों पर मतदान होगा जबकि मतदान के नतीजे 4 जून को घोषित होगे।पांच लोकसभा सीट वाले उत्तराखंड के लगभग 82.48 लाख से अधिक मतदाता अपने सक्रिय भूमिका से कई मायनों में अपनी अलग पहचान रखते हैं। इस बार कई नेये चेहरों पर भी राष्ट्रीय दलो ंने दांव खेला है और उनकी सक्रियता से चुनावी महौल भी गरमाया हुआ है। बीते दो चुनावों 2014 और 2019 में भाजपा के सभी उम्मीदवारों को संसद भेजा है। 2009 में ऐसा ही मौका कांग्रेस को दिया था। राज्य गठन से पहले और बाद में कई बार ऐसे मौके भी आए, जब मतदाताओं ने अपनी गढ़ी परिपाटी को एक झटके में तोड़ा भी है। छोटे राज्य की राजनीतिक सोच और नजरिया लंबे समय से दो दल भाजपा-कांग्रेस के करीब ही रहा है। क्षेत्रीय दलों की अपेक्षा राज्य गठन के बाद 2004 में हरिद्वार से समाजवादी पार्टी के सांसद को भीडी संसद पहुंचाया। एक समय ऐसा भी था जब यहां के मतदाता राज्य में एक दल की सरकार बनाते और सांसद दूसरे दल का चुनकर भेजते। 2002 में राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन पांच में तीन सांसद भाजपा के जीते। 2009 में भाजपा की सरकार बनी, लेकिन उसके सभी सांसद उम्मीदवार हार गए। 2014 में राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, बावजूद उसके उसका कोई भी उम्मीदवार नहीं जीत सका। मोदी के मैजिक से मतदाताओं का मिजाज भांपने में भाजपा कुछ मायनों में आगे रही है। शायद यही कारण है कि लोगों ने अपनी बनाई रणनीति और परंपरा को तोड़ना बेहतर समझा। राज्य में पांच-पांच साल का फार्मूला भाजपा को जिताकर तोड़ा। 2019 में भाजपा के पांचों सांसदों को पुनः जिताकर भेजा, जबकि राज्य में भाजपा की सरकार थी। पौड़ी लोकसभा लोकसभा क्षेत्र में आने वालीं 14 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास 13 हैं। कांग्रेस के पास एक मात्र बदरीनाथ सीट है। इस लोकसभा सीट में एक विधानसभा नैनीताल जिले की रामनगर भी शामिल है। इस सीट पर कांग्रेस ने भाजपा से पहले अपने उम्मीदवार गणेश गोदियाल की घोषणा की थी। भाजपा ने इस सीट पर इस बार तीरथ सिंह रावत की जगह राज्यसभा सांसद रहे अनिल बलूनी को उम्मीदवार बनाया है। लोकसभा के जातीय गणित और मतदाताओं के ब्राहमण-ठाकुर फार्मूले में यहां ठाकुर मतदाता निर्णायक माने जाते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही उम्मीदवार ब्राहमण हैं। टिहरी लोकसभा लोकसभा क्षेत्र की 14 में से दो विधानसभा सीट कांग्रेस के पास हैं। इस लोकसभा क्षेत्र की आधी यानि 7 सीट देहरादून जिले में आती हैं। पहाड़ के साथ देहरादून के मतदाता भी निर्णायक की भूमिका में रहते हैं। देहरादून में मिश्रित आबादी और यूपी के सहारनपुर जिले से सटे होने के कारण विकासनगर, सहसपुर, कैंट का कुछ हिस्सा, राजपुर और रायपुर मुस्लिम आबादी का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। हालांकि शहरी आबादी का फायदा भाजपा को ही मिलता रहा है। भाजपा ने यहां राजघराने पर भरोसा जताते हुए फिर से माला राज्यलक्ष्मी को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने टिहरी में वरिष्ठ नेता और मसूरी के पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला को आजमाया है।

हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र की 14 विधानसभा क्षेत्रों में से भाजपा के पास मात्र छह विधानसभा क्षेत्र हैं। जबकि अन्य आठ में कांग्रेस के पास पांच, दो बसपा और एक निर्दलीय […]

रूद्रपुर। पावन नवरात्र के अष्टमी पर्व पर आज मां अटरिया का रम्पुरा स्थित मां अटरिया मंदिर से भव्य डोला निकाला गया। जो नगर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरता हुआ मेला स्थल स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ मां अटरिया मंदिर पहुंचा। इससे पूर्व रम्पुरा स्थित मां अटरिया मंदिर में माता पुष्पा देवी के सानिध्य में पूजा अर्चना की गई। तत्पश्चात मां अटरिया की भव्य प्रतिमा को फूलों से सुसज्जित पालकी में विराजमान किया गया। शोभा यात्रा में कई सुंदर झांकियां भी प्रदर्शित की गई थी। बैंड बाजों की भजन धुन में सैकड़ों श्रद्धालु जयघोषों के साथ नाचते गाते चल रहे थे। शोभा यात्रा का मार्ग में अनेक स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। शोभा यात्रा मुख्य मार्गों से होकर गुजरती हुई प्राचीन अटरिया मंदिर पहुंची जहां अनुष्ठानों के साथ मां अटरिया देवी की प्रतिमा को स्थापित किया गया। इस दौरान माता पुष्पा देवी, प्रबंधक, सचिव अरविंद शर्मा, पंकज गोड़, मनीष शर्मा, दीपा शर्मा, सौरभ शर्मा, सुनीता गोड़, चौधरी धनराज सिंह, अशोक यादव, मोहन यादव, राजू कोली, राजू गुप्ता, द्रोपा देवी ,देवकी देवी आदि लोग मौजूद रहे । इसके बाद कल से मेले का शुभारंभ होगा।

रुद्रपुर मंगलवार को व्यय पर्यवेक्षक टी शंकर  द्वारा पुलिस नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया गया। व्यय पर्यवेक्षक द्वारा अंतरराज्यीय तथा अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की निगरानी का निरीक्षण सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से किया। उन्होंने  सभी टीमों के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। लोकसभा मतदान 19 अपै्रल को है उसको ध्यान में रखते हुए आने वाले 72 घंटों के लिए अतिरिक्त सावधानी व नजर रखने के निर्देश सभी संबंधित टीमों को दिये।निरीक्षण में लॉइजनिंग ऑफिसर प्रेक्षक हितेश पंत व अन्य मौजूद थे।

रूद्रपुर 16 अप्रैल, 2024 (सू.वि.)- जिला निर्वाचन अधिकारी उदयराज सिंह के निर्देशन में मंगलवार को बगवाड़ा मंडी परिसर में बेवकांटिंग कार्मिको को मास्टर टेªनरो द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के […]

वर्तमान लखनपुर पांडव लोक अज्ञातवास के दौरान यहां पर रहे इस दौरान रानी द्रोपती राजा बिराठ की महारानी की सेवा मे तैनात थी,जहा बिराठ केसेनापति व महारानी के भाई महाबली कीचक ने रानी द्रोपती से दुर्व्यवहार किया था,जिस कारन् महबली भीम ने किचक का बध कर दिया था,पूरे बैराठ मे बडा आश्चर्य हुआ की महाबली कीचक को कोंन मार् सकता है, इस बात् का पता हि नही लग सका की कीचक को किसने मारा,जिस स्थान पर मारा राम गंगा नदी के किनारे कीचक घाट है और वहां पर के खेतों का नामकीचकसेरा,हैसेरा मैदान खेत को कहते हैंमेरे गांव का मुकुट यानी सिर्फ असुरकोट मैं कीचक का महल था मेरे घर से दूरी 4 किलोमीटर हैंपांडव कल में स्थान का नाम विराट नगर था फिर बाद में ब्रह्मपुरी कहलाया और जब कस्तूरी लोग स्वतंत्र प्रशासन करने लगे इसका नाम लखनपुर पड़ा जो राम गंगा नदी के किनारे बसा है, विराट नगरी के दक्षिणी छोर के तरफ राम पादुका मंदिर है मंदिर लगभग 12वीं शताब्दी के हैं वहां पर मंदिर में शिव की मूर्ति तथा रामचंद्र जी के चरण विराजमान है कहते हैं बद्रीनाथ और देवप्रयाग जाते समय वे इसी मार्ग से गए मैदानी क्षेत्र से जोशीमठ बद्रीनाथ देवप्रयाग केदारनाथ जाने का मार्ग पहले से यही था हल्द्वानी और रामनगर मोटर मार्ग बद्रीनाथ को इसी स्थान से गुजरते हैंआने वाले यात्रियों का मार्ग भीयहां से चारों दिशाओं को मार्ग सुलभ है यह Hindustan Global Times: विराटनगर वर्तमान लखनपुर पांडव लोक अज्ञातवास के दौरान यहां पर रहे इस दौरान रानी द्रोपती राजा बिराठ की महारानी की सेवा मे तैनात थी,जहा बिराठ के सेनापति व महारानी के भाई महाबली कीचक ने रानी द्रोपती से दुर्व्यवहार किया था,जिस कारन् महबली भीम ने किचक का बध कर दिया था,पूरे बैराठ मे बडा आश्चर्य हुआ की महाबली कीचक को कोंन मार् सकता है, इस बात् का पता ही नही लग सका की कीचक को किसने मारा,जिस स्थान पर मारा राम गंगा नदी के किनारे कीचक घाट है और वहां पर के खेतों का नामकीचकसेरा,है सेरा मैदान खेत को कहते हैं।मेरे गांव का मुकुट यानी सिर्फ असुरकोट मैं कीचक का महल था मेरे घर से दूरी 4 किलोमीटर हैं।पांडव कल में स्थान का नाम विराट नगर था। फिर बाद में ब्रह्मपुरी कहलाया और जब कस्तूरी लोग स्वतंत्र प्रशासन करने लगे इसका नाम लखनपुर पड़ा जो राम गंगा नदी के किनारे बसा है, विराट नगरी के दक्षिणी छोर के तरफ राम पादुका मंदिर है ।मंदिर लगभग 12वीं शताब्दी के हैं ।वहां पर मंदिर में शिव की मूर्ति तथा रामचंद्र जी के चरण विराजमान है ।कहते हैं बद्रीनाथ और देवप्रयाग जाते समय वे इसी मार्ग से गए मैदानी क्षेत्र से जोशीमठ बद्रीनाथ देवप्रयाग केदारनाथ जाने का मार्ग पहले से यही था हल्द्वानी और रामनगर मोटर मार्ग बद्रीनाथ को इसी स्थान से गुजरते हैंआने वाले यात्रियों का मार्ग भीयहां से चारों दिशाओं को मार्ग सुलभ है यह क्षेत्र वर्तमान चौखुटिया शहर के अंदर आता है जिसका एक नाम गनाई भी है जो गणेश मंदिर के अनुसार पड़ा इसके बारे में मैंने पहले ग्रुप में एक लिख डाला था गणेश मंदिर संबंधी इतिहास!

विराटनगर वर्तमान लखनपुर पांडव लोक अज्ञातवास के दौरान यहां पर रहे इस दौरान रानी द्रोपती राजा बिराठ की महारानी की सेवा मे तैनात थी,जहा बिराठ केसेनापति व महारानी के भाई […]

कत्यूरी ध्वजबाहरी सफेद रंग: जीत, शान्ति का प्रतीक व पित्रों से प्रेम का द्योतक हैदो तिकोने: इसमें हमेशा ऊपरी तिकोना नीचे वाले तिकोने से थोड़ा छोटा होता है जो किसी साम्राज्य को बताता है ।

एक तिकोने वाले झंडे अक्षरशः किसी मन्दिर के ध्वज को बताता है जैसे बद्रीनाथ आदिकेशरिया रंग: यह उदीयमान सूर्य, अग्नि आदि को प्रदर्शित करता है और राजा राम , श्री […]

अजय टम्टा : भाजपा अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा से अजय टम्टा और कांग्रेस से प्रदीप टम्टा समेत सात प्रत्याशी मैदान में हैं। 7 प्रत्याशी हैं मैदान में

प्रदीप टम्टा : कांग्रेसनारायण : बसपाअर्जुन देव : यूकेडीकिरन आर्या : उपपाज्योति प्रकाश टम्टा : बहुजन मुक्ति पार्टीप्रमोद कुमार : उत्तराखंड पीपुल्स पार्टी विधानसभा का गणितअल्मोड़ा लोकसभा सीट की सीमा चीन-नेपाल से […]

16 अप्रैल  उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मंगलवार को सचिवालय में समीक्षा बैठक कर राष्ट्रपति के कार्यक्रम की तैयारियां को परखा। आगामी 23-24 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उत्तराखंड भ्रमण प्रस्तावित है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सुरक्षा और सड़क मार्गों की व्यवस्था, ट्रैफिक […]

17 अप्रैल को श्रीरामचंद्र जी के जन्मोत्सव को रामनवमी के रूप में मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार रामलला का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को दोहर 12:00 बजे हुआ था।

इस वर्ष रामनवमी के दिन रवि योग बन रहा है जिस कारण रामनवमी का महत्व और भी बढ़ गया है। रामनवमी के दिन भगवान राम की पूजा अर्चना के साथ […]

बॉबी पंवार नाम का युवा जो खुद को बेरोजगार लिखता है उसने प्रदेश की टिहरी लोकसभा सीट पर निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है. पहले नामांकन और फिर उसके प्रचार में जुट रही भारी भीड़ और जनता के समर्थन ने सबको चौका दिया है. आइए आपको बताते हैं आखिर कौन है बॉबी पंवार? साथ ही टिहरी लोकसभा सीट का क्या है चुनावी गणित.उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव का माहौल गरमाया हुआ है। 19 अप्रैल को पहले चरण में चुनाव को लेकर अब प्रदेश में घमासान तेज हो गया है। प्रदेश की विपक्षी पार्टी कांग्रेस अग्निवीर जैसे मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है। वहीं, भाजपा पीएम मोदी के चेहरे के साथ चुनावी मैदान में है।

बीजेपी ने टिहरी से राज्यलक्ष्मी शाह को अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं कांग्रेस ने इस बार जोत सिंह गुनसोला पर दांव खेला है और बसपा ने नेमचंद को प्रत्याशी बनाया […]

नैनीताल उधमसिंह नगर लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में सांसद अजय भट्ट पर पार्टी ने यों ही दोबारा भरोसा नहीं जताया है। इसके पीछे भट्ट के क्षेत्र में सतत सक्रिय रहने और दशकों से लंबित समस्याओं का निराकरण करवाने, महत्वपूर्ण विकास कार्यों को स्वीकृति दिलाने और अत्यंत महत्त्वपूर्ण पद पर रहने के चलते देश विदेश में दायित्व निभाने के बावजूद स्थानीय जनता से निकट और आत्मीय संबंध बनाए रखना प्रमुख वजह रही।

प्रमुख उपलब्धियांअजय भट्ट को बतौर मंत्री केवल ढाई वर्ष का कार्यकाल मिला। लेकिन इस अवधि में और पूर्व में बतौर सांसद उन्होंने जमरानी बांध की स्वीकृति, काठगोदाम नैनीताल रोपवे, सात […]