रुद्रपुर के सिंह कालोनी स्थित महादेव मन्दिर के प्रांगण में आयुष्मान हैल्थ कैम्प का आयोजन

आज दिनांक 23-9-2024 को सेवा पखवाड़ा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2024 के अन्तर्गत । रुद्रपुर के सिंह कालोनी स्थित महादेव मन्दिर के प्रांगण में आयुष्मान हैल्थ कैम्प का आयोजन […]

सर्विलांस और मुखबिर तंत्र। अपराधी को पकड़ने में दोनों पुलिस के सबसे बड़े हथियार होते हैं। मगर नैनीताल पुलिस के ये दोनों हथियार पूरी तरह से फेल नजर आते हैं। पांच दिन से चल रहे चोर-सिपाही के खेल में अकेला मुकेश बोरा उसे ढूंढने में लगे 50 पुलिस कर्मियों पर भारी पड़ रहा है।

  दो एसपी, दो सीओ, एक इंस्पेक्टर, दो चौकी इंचार्ज व एसओजी इंचार्ज मिलकर भी उसे पकड़ नहीं पा रहे। 18 सितंबर को हाई कोर्ट ने मुकेश बोरा की गिरफ्तारी […]

जवाहर नवोदय विद्यालय समिति (NVS) क्लास 6 में एडमिशन के लिए चयन परीक्षा (JNVST कक्षा 6 2024) पास करनी होती है. इसके लिए आज यानी 23 सितंबर 2024 तक आवेदन कर सकते हैं.

जवाहर नवोदय विद्यालय रजिस्ट्रेशन लास्ट डेट को एक बार बढ़ाया जा चुका है. इसका मतलब है कि लास्ट डेट में अब कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. अभिभावक नवोदय विद्यालय समिति […]

करीब छह महीने पहले केंद्र सरकार ने जब ‘फैक्ट चेक यूनिट’ यानी तथ्य जांच इकाई के गठन संबंधी अधिसूचना जारी की थी, तभी से इस पर विवाद है। मगर इसे लेकर उभरी असहमतियां और उठे सवालों के बावजूद सरकार शायद इस ओर धीरे-धीरे कदम बढ़ा रही थी।

अब इस मसले पर बंबई हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार के लिए अपने पक्ष को निर्विवाद बताना मुश्किल होगा। बंबई हाईकोर्ट ने सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम, 2023 को असंवैधानिक […]

गरुड़ पुराण कहता है कि सभी प्राणियों को उसके द्वारा किया गया कर्म कई जन्मों तक भुगतना पड़ता है। कर्म के हिसाब से ही मनुष्य का अगला जन्म तय होता है। अगला जन्म किस योनि में होगा, यह भी मृत्यु से पहले ही तय हो जाता है।

   चलिए जानते हैं कि मृत्यु के पहले ही कैसे मनुष्य का अगला जन्म तय हो जाता है? धर्म को न मानने वाला गरुड़ पुराण कहता है जो मनुष्य जीवित […]

सनातन धर्म में पितृ पक्ष का बहुत महत्व है। इस दौरान लोग पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए कई तरह के अनुष्ठान और प्रार्थना करते हैं और श्राद्ध और तर्पण जैसे अनुष्ठानों के माध्यम से अपने पूर्वजों का सम्मान करते हैं।

   धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान पूर्वज पितृलोक (पूर्वजों के लोक) से पृथ्वी पर उतरते हैं। एक आम सवाल उठता है: मृत्यु के बाद आत्मा को मुक्ति […]

सनातन धर्म मैं 18 पुराण हैं, जिनमें अग्नि पुराण, भविष्य पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण, लिंग पुराण, ब्रह्म पुराण, पद्म पुराण, विष्णु पुराण, वायु पुराण, भागवत पुराण, नारद पुराण, मार्कंडेय पुराण, वराह पुराण, स्कंद पुराण, वामन पुराण, कूर्म पुराण, मत्स्य पुराण, गरुड़ पुराण और ब्रह्माण्ड पुराण शामिल हैं।

  प्राचीन मान्यताओं के अनुसार ब्रह्म पुराण को सबसे पुराना माना जाता है। मत्स्य पुराण को संस्कृत साहित्य की शैली में सबसे पुराना पुराण माना जाता है। नारद पुराण में सभी 18 […]

हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग […]

गरुड़ पुराण के मुताबिक कलयुग में मनुष्यों की आयु सौ वर्ष निर्धारित है। लेकिन आज- कल देखने को मिलता है कि अधिकतर लोग कम उम्र में ही मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। इसके बारे में गरुड़ पुराण कहता है वर्ण के हिसाब जो गलत कर्म करता है वह अकाल मृत्यु को प्राप्त होता है।

   गरुड़ पुराण में स्पष्ट बताया गया है कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र की अकाल मृत्यु क्यों होती है? गरुड़ पुराण के अनुसार जब व्यक्ति अपना जीवनकाल पूरा करके […]

वेश्यावृत्ति एक ऐसा व्यवसाय है जो सदियों से चला आ रहा है, लेकिन अब यह एक नए और हाईटेक रूप में सामने आ रहा है। हाल के दिनों में, कॉलेज की छात्राओं की संख्या इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है।

  यह बदलाव न केवल व्यवसाय के तरीके में है, बल्कि इसमें शामिल लड़कियों की सोच और उनके लक्ष्यों में भी दिखाई देता है। हाईटेक वेश्यावृत्ति का उदय पारंपरिक रूप […]