बनभूलपुरा: 29 एकड़ जमीन, 500 परिवार और 17 साल की न्यायिक अनिश्चितता — अब 10 दिसंबर को होगा फैसला

हल्द्वानी।बनभूलपुरा आज एक बार फिर इतिहास के सबसे तनावपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। रेलवे की 29 एकड़ जमीन पर बसे 500 से अधिक परिवारों का भविष्य अब 10 दिसंबर को […]

उत्तराखंड कीलोक-सांस्कृतिक पहचान उसके पारंपरिक नृत्यों में गहराई से समाई हुई है। कुमाऊँ और गढ़वाल दोनों ही क्षेत्रों में नृत्य जीवन के आनंद, संघर्ष, वीरता और अध्यात्म के अभिव्यक्ति माध्यम हैं। झोड़ा, चांचरी, झुमैलो और चौंफुला जैसे सामूहिक नृत्य सामाजिक एकता और उल्लास को दर्शाते हैं, जबकि छोलिया और रणभूत जैसे नृत्य शौर्य, युद्धकला और वीरगति का सम्मान प्रस्तुत करते हैं। पांडव नृत्य महाभारत की कथाओं पर आधारित एक अनूठी लोक-नाट्य परंपरा है, जिसमें पौराणिक पात्रों की ऊर्जा कलाकारों में समाहित होने की लोकमान्यता भी जुड़ी है। वहीं थड़िया, मंडाण, सरौं, हारुल, भगनोल और मुखोटा नृत्य अलग-अलग अवसरों, ऋतुओं और देव-उत्सवों से संबंध रखते हैं। इन सभी नृत्यों में प्रकृति के प्रति प्रेम, सामाजिक सामूहिकता, अध्यात्म और लोक-स्मृतियों के संरक्षण का भाव प्रमुख रूप से दिखाई देता है। उत्तराखंड के लोक नृत्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि पीढ़ियों की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और पहचान के जीवंत प्रतीक हैं।

उत्तराखंड के लोकनृत्य — परंपरा, आध्यात्म, सामाजिकता और सामुदायिक चेतना की अनंत यात्रा ✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड की आत्मा […]

“रुद्रपुर 4 दिसंबर को देगा इतिहास को सलाम — पंडित रामसुमेर शुक्ल स्मृति समारोह बनेगा तराई की गौरवगाथा का भव्य अध्याय”

संपादकीय :रुद्रपुर की सरज़मीं एक ऐतिहासिक क्षण की दहलीज़ पर खड़ी है। आगामी 4 दिसंबर को पंडित राम सुमेर शुक्ल स्मृति राजकीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित होने वाला पंडित रामसुमेर […]

मेट्रोपोलिस सोसायटी विवाद पर हाईकोर्ट का निर्णय – लोकतंत्र की जीत, बंद दरवाजों की हार? मेट्रोपोलिस सोसायटी मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी 1600 घरों को मिलेगी सदस्यता

मेट्रोपोलिस सोसायटी मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी 1600 घरों को मिलेगी सदस्यता रूद्रपुर। मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (एमआरडब्लूए) के उपनियमों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद […]

संसद का शीतकालीन सत्र आज सोमवार (1 दिसंबर) से शुरू हो रहा है। शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र और विपक्ष दो बड़े मुद्दों गांधी परिवार के खिलाफ नेशनल हेराल्ड FIR और पूरे देश में चल रहे वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर आमने-सामने होंगे।

तृणमूल कांग्रेस, DMK और समाजवादी पार्टी ने वोटर लिस्ट रिवीजन (एसआईआर) के खिलाफ अपना विरोध और बढ़ाने का फैसला किया है। चुनाव आयोग की तरफ से इस प्रक्रिया को शुरू […]

राज्य संघर्ष की दो ज्योतियाँ बुझीं, आदर्श अमर — दिवाकर भट्ट व कॉमरेड राजा बहुगुणा को कृतज्ञ उत्तराखंड की श्रद्धांजलि

उत्तराखंड क्रांति दल नैनीताल इकाई की अगुवाई में राज्य अतिथि गृह में राज्य आंदोलनकारी यूकेडी के पूर्व विधायक दिवाकर भट्ट एवं CPI नेता कॉमरेड राजा बहुगुणा के सम्मान में श्रद्धांजलि […]

गन्ने का मूल्य बढ़ाकर धामी सरकार ने किया किसानों की भावनाओं का सम्मानः मिश्रा

रूद्रपुर। उत्तराखण्ड में गन्ने का मूल्य बढ़ाने के ऐतिहासिक निर्णय पर भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र मिश्रा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हृदय से आभार व्यक्त किया। […]

सड़क हादसों ने छीन ली चार घरों की खुशियाँ — उत्सव की रात मातम में बदल गई

रुद्रपुर।शनिवार की रात चार परिवारों के लिए ऐसी काली साबित हुई, जिसकी कल्पना तक किसी ने नहीं की थी। एक ओर घर में शहनाइयाँ बज रही थीं, वरमाला की तैयारियाँ […]

आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) के लिए आज आईसीसी ने आज शेड्यूल का ऐलान कर दिया है. इस बार टूर्नामेंट में कुल 20 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं, जिन्हें 5-5 के 4 ग्रुप में रखा गया है.

भारत के ग्रुप में पाकिस्तान, नामीबिया, नीदरलैंड और अमेरिका की टीम को जगह दिया गया है. भारतीय टीम (Team India) ने पिछली बार रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 विश्व […]

मनुष्य जन्म लेते ही किसी अदृश्य शक्ति की शरण में चला जाता है। सांसें शरीर को जीवित रखती हैं, पर जीवन की दिशा वह दिव्य ऊर्जा संचालित करती है जिसे हम इष्ट देव कहते हैं। इष्ट देव वही हैं जिनके नाम से मन शांत होता है और आत्मा सुरक्षित महसूस करती है। जब मन स्मरण व भक्ति में स्थिर रहता है, तब निर्णयशक्ति मजबूत होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन सहज दिशा पकड़ लेता है। पर जब जीवन की व्यस्तता, अहंकार या भौतिकता व्यक्ति को इष्ट से दूर ले जाती है, तब बेचैनी, भ्रम, अवरोध और असंतोष बढ़ने लगते हैं। इष्ट देव कोई बाहरी सत्ता नहीं, आत्मा की मौलिक शक्ति हैं। उनका स्मरण प्रार्थना से ज़्यादा मन की ऊर्जा को जागृत करने का माध्यम है। भक्ति प्रदर्शन में नहीं, समर्पण में बसती है। जब मन प्रेम से अपने इष्ट की ओर लौटता है, तो भाग्य, शांति और समृद्धि स्वयं लौट आती है — यही जीवन का सनातन सत्य है।

30 November 2025): 30 नवंबर 2025, रविवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगी, फिर एकादशी […]