उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से अधिक सख्त कानून और व्यवस्था लागू की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत और सपनों की रक्षा करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ-साथ ऐसी घटनाओं की दोबारा पुनरावृत्ति रोकने के लिए कानूनी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। उनके इस बयान को छात्रों के बीच एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
’22 लाख छात्रों का साल बचाना हमारी प्राथमिकता थी’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने संदेश में कहा कि पेपर लीक की घटना से सबसे ज्यादा नुकसान छात्रों और उनके परिवारों को होता है। उन्होंने बताया कि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि लाखों विद्यार्थियों का एक पूरा शैक्षणिक वर्ष खराब न होने पाए। इसी कारण कम समय में दोबारा परीक्षा कराने की व्यवस्था की गई। प्रधानमंत्री के अनुसार, लगभग 22 लाख छात्रों की परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित कराई गई और निर्धारित समय के भीतर परिणाम भी जारी कर दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल परीक्षा कराकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मानने वाली नहीं है, बल्कि दोषियों तक पहुंचकर उन्हें कानून के दायरे में लाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
– Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े कानून की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने यह भी जानकारी दी कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को निर्देश देने के बाद इसका मसौदा तैयार हो चुका है और इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने चर्चा के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद सरकार इस प्रस्ताव को संसद में जल्द से जल्द पेश करने का प्रयास करेगी। प्रस्तावित कानून में दोषियों के लिए कड़ी सजा और मामलों के शीघ्र निपटारे जैसे प्रावधान शामिल किए जाने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि सख्त कानून और तेज न्यायिक प्रक्रिया से भविष्य में परीक्षा से जुड़े अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी और छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।
आंदोलन जारी, अब सरकार के अगले कदम पर टिकी सबकी नजर
इस बीच परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक के खिलाफ देश के कई हिस्सों में छात्रों की आवाज लगातार उठ रही है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी छात्रों का प्रदर्शन कई दिनों से जारी है, जहां परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव और जिम्मेदारी तय करने की बात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के ताजा बयान के बाद अब छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर है। यदि प्रस्तावित कानून संसद से पारित होता है और फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था लागू होती है, तो परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की शुरुआत मानी जा सकती है। फिलहाल पूरे देश में इस बात की चर्चा है कि सरकार के इन वादों को जमीन पर कब और किस रूप में लागू किया जाएगा।
– Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
