हरिद्वार। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, न्यायपूर्ण व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग को लेकर शुक्रवार शाम हरिद्वार में युवाओं ने मशाल यात्रा निकाली। ऋषिकुल से शुरू होकर भगत सिंह चौक तक पहुंची इस यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए।
हाथों में जलती मशालें और न्याय के समर्थन में लगाए गए नारों के बीच प्रतिभागियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से आयोजित की जानी चाहिए। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में लगातार भरोसा बनाए रखना और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना सरकार तथा संबंधित संस्थाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
यात्रा के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने, परीक्षा प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाने और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत और भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मशाल यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। पूरे मार्ग पर युवाओं की एकजुटता और अनुशासन देखने को मिला। भगत सिंह चौक पहुंचकर प्रतिभागियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग को दोहराते हुए कहा कि युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
