दिवाली का त्योहार खुशियों, रोशनी और समृद्धि का प्रतीक है। घरों में साफ-सफाई हो चुकी है, दीये सज गए हैं और मां लक्ष्मी के स्वागत की पूरी तैयारी है। लेकिन इसी बीच अगर आपका कोई दोस्त, रिश्तेदार या पड़ोसी आपसे पैसे उधार मांग ले, तो आप क्या करेंगे?

त्योहार के मौके पर किसी को ‘ना’ कहना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन मन में ये डर भी लगता है कि कहीं दिवाली के दिन पैसे घर से बाहर जाने पर बरकत न चली जाए। अगर आप भी इसी कन्फ्यूजन में हैं, तो आइए जानते हैं कि दिवाली पर पैसों का लेन-देन यानी उधार देना या लेना चाहिए या नहीं और इसका क्या असर होता है…

अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर

क्या दिवाली पर किसी को उधार देना चाहिए?

पुरानी मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के जानकारों की मानें, तो दिवाली के दिन किसी को भी पैसे उधार देने से बचना चाहिए। इसके पीछे सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक गहरा लॉजिक भी है। उधार देने से 3 नुकसान हो सकता है…

1. मां लक्ष्मी होती हैं नाराज

माना जाता है कि दिवाली का पूरा त्योहार मां लक्ष्मी (धन की देवी) को घर बुलाने के लिए मनाया जाता है। लोग पूजा करते हैं कि घर में पैसा और बरकत आए। ऐसे में अगर आप दिवाली के दिन ही अपना पैसा (लक्ष्मी) किसी और को उधार दे देते हैं, तो माना जाता है कि आप अपने घर की लक्ष्मी को खुद ही विदा कर रहे हैं। इससे घर की बरकत रुक सकती है।

2. रिश्तों में आ सकती है खटास

मान्यताओं के अनुसार, दिवाली खुशियां मनाने का दिन है, टेंशन लेने का नहीं। जब आप किसी को पैसे उधार देते हैं, तो मन में एक टेंशन बैठ जाती है कि पैसा वापस कब मिलेगा। अगर सामने वाला पैसे लौटाने में आनाकानी करे, तो आपका अच्छा-खासा रिश्ता खराब हो जाता है। त्योहार के दिन ऐसी नेगेटिविटी (Negativity) से दूर रहना ही समझदारी है।

3. कर्ज का बोझ बढ़ना

सिर्फ उधार देना ही नहीं, बल्कि दिवाली के दिन किसी से उधार लेना (कर्ज लेना) भी अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि अगर आप दिवाली के दिन कर्ज लेते हैं, तो पूरे साल आप पर कर्ज का बोझ बना रहता है और आर्थिक स्थिति (Financial Condition) खराब होने लगती है।

अगर कोई बड़ी इमरजेंसी आ जाए, तो क्या करें?

अब सवाल उठता है कि अगर किसी बेहद करीबी को सच में अस्पताल या दवाइयों के लिए पैसों की सख्त जरूरत है, तो क्या उसे भी मना कर दें? नहीं, आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। लेकिन इसके लिए एक छोटा सा काम करें। अगर कोई मेडिकल इमरजेंसी या कोई अन्य इमरजेंसी है, तो आप पैसे जरूर दें, लेकिन उसे उधार या कर्ज समझकर न दें। उसे अपनी तरफ से एक मदद या दान समझकर दें, जिसे आप वापस मांगने की उम्मीद नहीं रखते हों। अगर मामला इमरजेंसी का नहीं है यानी कोई शॉपिंग, घूमने या किसी और चीज के लिए पैसे मांग रहा है, तो हाथ जोड़कर प्यार से मना कर सकते हैं।

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