रुद्रपुर। उत्तराखंड सरकार की 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति (राज्य स्तरीय) के नव नियुक्त उपाध्यक्ष एवं नगर निगम रुद्रपुर के पूर्व महापौर रामपाल सिंह ने पदभार ग्रहण करते ही सक्रियता का परिचय दिया। दायित्व संभालने के तुरंत बाद उन्होंने समिति के अधिकारियों के साथ बैठक कर केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
पदभार ग्रहण करने के बाद रामपाल सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 20 सूत्रीय कार्यक्रम का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर उनके परिणाम दिखाई दें।
उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने तथा समीक्षा तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रामपाल सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश नेतृत्व एवं पार्टी संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास पर खरा उतरना उनकी पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास, गरीब कल्याण, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों की नियमित निगरानी कर सरकार की मंशा के अनुरूप परिणाम सुनिश्चित किए जाएंगे।
इस अवसर पर नगर निगम रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा, गुरमीत सिंह, जिला अध्यक्ष व्यापार मंडल अनिल चौहान, पूर्व किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक, भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक एवं शुभचिंतक मौजूद रहे। सभी ने उन्हें नए दायित्व के लिए बधाई देते हुए सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
रामपाल सिंह ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल पद संभालना नहीं, बल्कि सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। पदभार ग्रहण करते ही कार्यों की समीक्षा शुरू कर उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनहित और विकास कार्यों को लेकर उनकी प्राथमिकता पूरी तरह स्पष्ट है।
