बाबा विश्वनाथ जगदीशिला डोली यात्रा गुरु वशिष्ठ की तपोभूमि विशोन पर्वत से शुरू होकर जिसका वर्णन केदार खंड में है तथा यहां भगवान राम तथा हम सभी के गुरु वशिष्ठ जी ने तपस्या की थी तथा व्यावहारिक वेदांत की धनी स्वामी रामतीर्थ जी ने भी इसी स्थल पर तपस्या की है।यह स्थान गढ़वाल मंडल में टिहरी जिला 11 गांव हिंडावबाबा विश्वनाथ मां जगदीशिला डोली यात्रा का शुभारंभ 16 मई को ढूंग से हुआ था। इस वर्ष यात्रा को रजत जयंती समारोह के रूप में मनाया जा रहा है।17 मई को हरिद्वार में गंगा स्नान करके उत्तराखंड के विभिन्न देवस्थलों से गुजरती हुई 09 जून 2024 को दिन रविवार सायं 5 बजे रूद्रपुर गल्ला मंडी पहुंचने पर स्वागत किया गया।उसके पश्चात मुख्य बाजार होते हुए गंगापुर रोड पर श्री नीलकंठ धाम शैलजा कॉलोनी में डोली का भव्य स्वागत किया । उसके पश्चात होटल कोरीयनथन जेपीएस स्कूल के सामने तीन पानी रोड़ गणेश गार्डन रुद्रपुर वहा पर स्वागत एवं रात्रि 09.00 बजे से श्री बाला जी का दरबार एवं भंडारे का आयोजन किया गया। 10 जून को प्रातः डोली दिनेश भट्ट आवास विकास स्थित घर पर पहुंची यहां स्थानीय लोगों ने भजन कीर्तन के साथ मां का गुणगान किया और प्रसाद वितरण के उपरांत डोली को विदाई दी गई। पूरे कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित कार्यक्रम के मुख्य संयोजक मंत्री प्रसाद मैथानी ,जिला संयोजक दिनेश चंद्र भट्ट,प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, भारत लाल शाह, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर पांडे ,पूर्व मेयर रामपाल सिंह, शैल परिषद अध्यक्ष गोपाल सिंह पटवाल, कीर्ति निधि शर्मा, ईश्वर भट्ट, दिनेश बम ,राजेंद्र बोहरा, कमलेश बिष्ट, श्रीमती गीता भट्ट, आदि लोग पूरे कार्यक्रम में उपस्थित थे।
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